जम्मू-कश्मीर में विवादास्पद पुस्तक पर प्रशासन की कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में विवादित पुस्तक का मामला
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में एक पुस्तक के वितरण को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। 'पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जेएंडके' नामक इस किताब पर आरोप है कि इसमें आतंकवादियों और अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किया गया है। इसके अलावा, इसमें 'इंडियन हेल्ड कश्मीर' और 'इंडियन ऑक्यूपाइड कश्मीर' जैसे विवादास्पद शब्दों का उपयोग किया गया है। यह भी कहा गया है कि यह पुस्तक समग्र शिक्षा, जम्मू-कश्मीर का लोगो होने के कारण सरकारी स्कूलों में पहुंची है, जिससे इसके वितरण पर सवाल उठ रहे हैं।
बीजेपी ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा
विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने आरोप लगाया है कि यह पुस्तक जम्मू-कश्मीर के कई सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में जेकेएलएफ से जुड़े मकबूल भट को 'शहीद' के रूप में दर्शाया गया है, जबकि अलगाववादी नेताओं जैसे सैयद अली शाह गिलानी, मसरत आलम और मीरवाइज उमर फारूक का सकारात्मक उल्लेख किया गया है। भाजपा ने यह भी कहा कि पुस्तक में 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की प्रशंसा की गई है। पार्टी ने इस मामले की जिम्मेदारी तय करने और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पुस्तक की वापसी और जांच के आदेश
विवाद के बढ़ने के बाद प्रशासन ने इस पुस्तक को सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी से वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही यह पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं कि पुस्तक के प्रकाशन, अनुमोदन और वितरण में किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच में यह भी देखा जाएगा कि यह किताब सरकारी स्कूलों तक कैसे पहुंची और इसे स्वीकृति किस स्तर पर मिली।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई
विवाद के बढ़ने पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने शिक्षा विभाग के 8 अधिकारियों को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। भाजपा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है, जबकि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि विवादास्पद सामग्री वाली पुस्तक स्कूलों की लाइब्रेरी तक किन परिस्थितियों में पहुंची और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।