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जय शाह ने टी20 विश्व कप विवाद पर अपनी बात रखी

ICC के अध्यक्ष जय शाह ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले उठे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि कोई भी टीम संगठन से बड़ी नहीं होती और सभी सदस्य टीमों के सामूहिक प्रयास से आईसीसी संचालित होता है। उन्होंने इस विश्व कप के दौरान दर्शकों के रिकॉर्ड टूटने और एसोसिएट टीमों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की। बांग्लादेश के भारत आने से मना करने के बाद उठे विवाद पर भी उन्होंने अपनी राय दी। जानें पूरी कहानी में क्या हुआ।
 

जय शाह का बयान

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले उठे विवाद पर पहली बार अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी देश या टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। आईसीसी सभी सदस्य टीमों के सामूहिक प्रयास से संचालित होता है।


एक पुरस्कार समारोह में बोलते हुए, जय शाह ने कहा, "विश्व कप से पहले कई अटकलें थीं कि कुछ टीमें भाग लेंगी या नहीं। आईसीसी अध्यक्ष के रूप में, मैं यह कह सकता हूं कि कोई भी टीम संगठन से बड़ी नहीं है। संगठन का निर्माण सभी टीमों के सहयोग से होता है।"


उन्होंने यह भी बताया कि इस विश्व कप ने दर्शकों के मामले में नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। सभी पुराने व्यूअरशिप रिकॉर्ड टूट गए हैं। एसोसिएट टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जैसे कि यूएसए ने भारत को, नीदरलैंड ने पाकिस्तान को और नेपाल ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराया।


आईसीसी अध्यक्ष ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को सलाह दी कि उन्हें भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों, जैसे 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए।


यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने भारत आने से मना कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया। पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में विश्व कप के बहिष्कार की धमकी दी थी, यह कहते हुए कि आईसीसी बांग्लादेश के साथ अन्याय कर रही है।


पाकिस्तान ने पहले पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार करने की बात कही, फिर भारत के साथ ग्रुप स्टेज का मुकाबला न खेलने का निर्णय लिया। आईसीसी की मध्यस्थता और बांग्लादेश पर किसी भी तरह के प्रतिबंध न लगाने के वादे के बाद पाकिस्तान ने अपना निर्णय बदल लिया और भारत के खिलाफ मैच खेला। पाकिस्तान सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सका, जबकि भारतीय टीम ने लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीता।