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जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को ट्रांजिट वीजा से दी छूट

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को ट्रांजिट वीजा से छूट देने की घोषणा की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सरल और तेज बनाया जा सकेगा। यह निर्णय भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले के लिए जर्मनी के चांसलर का आभार व्यक्त किया। दोनों देशों के बीच शिक्षा और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
 

जर्मनी की नई सुविधा


जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करते हुए ट्रांजिट वीजा से छूट का ऐलान किया है। इसका अर्थ यह है कि भारतीय नागरिक अब किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के हवाई अड्डे से गुजरते समय अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा अधिक सरल, तेज और कम कागजी प्रक्रिया वाली हो जाएगी।


संयुक्त बयान में जानकारी

इस निर्णय की जानकारी भारत और जर्मनी के बीच जारी संयुक्त बयान में दी गई, जो जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के बाद प्रकाशित हुआ। यह उनकी भारत की पहली यात्रा थी और एशिया में भी उनकी पहली आधिकारिक यात्रा मानी गई। दोनों देशों ने इसे आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।


प्रधानमंत्री मोदी का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निर्णय के लिए जर्मनी के चांसलर का आभार व्यक्त किया। संयुक्त बयान में कहा गया कि यह कदम न केवल भारतीय नागरिकों की यात्रा को सरल बनाएगा, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और विश्वास को भी बढ़ावा देगा।


लोगों के बीच संबंधों पर जोर

भारत और जर्मनी ने यह स्वीकार किया कि मजबूत 'पीपल-टू-पीपल' संबंध उनकी रणनीतिक साझेदारी की नींव हैं। नेताओं ने छात्रों, शोधकर्ताओं, कुशल पेशेवरों, कलाकारों और पर्यटकों के बीच बढ़ते आदान-प्रदान का स्वागत किया। इसके साथ ही, यह भी माना गया कि जर्मनी की अर्थव्यवस्था, तकनीक और सांस्कृतिक जीवन में भारतीय समुदाय का योगदान महत्वपूर्ण है।


शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान

बैठक में शिक्षा और कौशल विकास को विशेष महत्व दिया गया। जर्मनी में अध्ययन कर रहे भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दोनों देशों ने संयुक्त और दोहरे डिग्री कार्यक्रमों के विस्तार, विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग और तकनीकी शिक्षा पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई।


नौकरी के अवसर और नई पहलों का स्वागत

जर्मनी में अध्ययन समाप्त करने के बाद भारतीय छात्रों को वहां के नौकरी बाजार से जोड़ने के लिए नई पहलों का स्वागत किया गया। इसके साथ ही, भारतीय आईआईटी और जर्मनी की तकनीकी विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।


भारत में जर्मन विश्वविद्यालयों का आमंत्रण

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने का आमंत्रण दिया। इसके साथ ही, दोनों देशों ने उच्च शिक्षा के लिए एक व्यापक भारत-जर्मनी रोडमैप तैयार करने पर भी सहमति व्यक्त की।