जेपी नड्डा ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक पर संसद में चर्चा का किया समर्थन
संसद में चर्चा के लिए तैयार सरकार
केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और छात्रों से संबंधित मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि इसका समाधान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि सार्थक संवाद से निकलेगा। नड्डा ने विपक्ष से अनुरोध किया कि छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय संसद में रचनात्मक चर्चा में भाग लें।
राहुल गांधी पर सेलेक्टिव राजनीति का आरोप
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में, जेपी नड्डा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं, जबकि विपक्ष शासित राज्यों में हुए कथित पेपर लीक मामलों का उल्लेख नहीं करते। उन्होंने कहा कि यदि पिछले वर्षों में हुई सभी पेपर लीक घटनाओं की जांच की आवश्यकता है, तो सरकार इसके लिए तैयार है और तथ्यों को देश के सामने रखा जाएगा। उनके अनुसार, निष्पक्ष जांच ही सही रास्ता है।
12 या 18 घंटे की बहस के लिए तैयार सरकार
जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि सरकार संसद में किसी भी प्रारूप में चर्चा के लिए तैयार है। यदि विपक्ष छोटी अवधि की चर्चा चाहता है, तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। यदि 12 घंटे या 18 घंटे की लंबी बहस की मांग होती है, तब भी सरकार चर्चा से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि संसद एक लोकतांत्रिक मंच है जहां सरकार और विपक्ष मिलकर परीक्षा प्रणाली में सुधार और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस नीति तैयार कर सकते हैं।
सीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात की जानकारी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ हुई मुलाकात पर नड्डा ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई थी और प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें लिखित रूप में सरकार को सौंपी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है और भविष्य में भी संवाद के लिए दरवाजे खुले हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बुधवार को प्रतिनिधियों के साथ कोई नई बैठक नहीं हुई। नड्डा ने कहा कि छात्रों का भविष्य सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है और सरकार तथा विपक्ष को मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और जवाबदेह बन सके.