जैमीसन ग्रीर का भारत दौरा: अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर चर्चा
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का भारत दौरा
नई दिल्ली: अमेरिका के 20वें व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर इस सप्ताह वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आ रहे हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि वे ग्रीर का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। दोनों देश एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जिसे लेकर दोनों पक्षों का मानना है कि यह लगभग पूरा हो चुका है।
राजदूत गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं ग्रीर का नई दिल्ली में स्वागत करने का इंतजार कर रहा हूं! अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई सत्र निर्धारित किए गए हैं!"
जैमीसन ग्रीर के कार्यालय ने रविवार को जानकारी दी कि वे उज्बेकिस्तान जाने से पहले नई दिल्ली आएंगे।
बयान में कहा गया है कि ग्रीर केंद्रीय मंत्री गोयल और अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मिलकर "ऐतिहासिक अमेरिका-भारत संयुक्त बयान और अंतरिम समझौते पर चर्चा करेंगे।" यह दौरा राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी, 2025 को शुरू की गई अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत का हिस्सा है।
इस महीने की शुरुआत में फ्रांस में जी7 समिट के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस दौरे का संकेत दिया था। उस समय, अधिकारी ने कहा था कि अमेरिका और भारतीय नेगोशिएटर "काफी गहरी" बातचीत में लगे हुए थे और उन्होंने पुष्टि की थी कि वे बातचीत जारी रखने के लिए भारत आएंगे।
यह दौरा ट्रंप और मोदी की हाल की बातचीत के बाद हो रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जी7 समिट के दौरान मोदी से मिलने के बाद कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते पर पहुंचने के "बहुत करीब" हैं।
ग्रीर के भारत दौरे की अवधि के बारे में अमेरिका की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। नई दिल्ली के अपने दौरे के बाद, ग्रीर ताशकंद जाएंगे, जहां उनका राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख शावकत मिर्जियोयेव और उप प्रधानमंत्री जमशेद खोडजाएव से मिलने का कार्यक्रम है।
बयान में कहा गया है, "राजदूत ग्रीर अपने समकक्षों के साथ ये सभी मीटिंग करेंगे ताकि अमेरिका के साथ स्पष्ट, संतुलित और पारस्परिक व्यापार हासिल करने पर चर्चा की जा सके।"
अमेरिका भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है, और पिछले एक दशक में गुड्स और सर्विसेज में द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और जरूरी सप्लाई चेन्स जैसे क्षेत्रों में आर्थिक संबंध बढ़े हैं।
यह बातचीत वाशिंगटन और नई दिल्ली की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है ताकि एक व्यापक व्यापार फ्रेमवर्क बनाया जा सके जो गहरे रणनीतिक सहयोग को समर्थन करे।
ग्रीर पहले भी भारत को कुछ बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों पर एक चुनौतीपूर्ण साझेदार बता चुके हैं, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां भारत ने संरक्षणवादी नीतियां लागू कर रखी हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच एक संयुक्त रूपरेखा समझौता मौजूद है, जो द्विपक्षीय वार्ताओं को आगे बढ़ाने का आधार प्रदान करता है।
व्यापार को लेकर बातचीत एक बढ़ती हुई रणनीतिक साझेदारी के साथ हो रही है, जिसमें रक्षा, नई तकनीक, जरूरी मिनरल, शिक्षा और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं। दोनों सरकारों ने बार-बार भारत-अमेरिका संबंधों को 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारी में से एक बताया है और मजबूत आर्थिक इंटीग्रेशन को उस विजन का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।