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झज्जर की रेणू सांगवान: 9 गायों से शुरू कर 3 करोड़ का कारोबार

हरियाणा के झज्जर जिले की रेणू सांगवान ने अपने पति के निधन के बाद समाज के तानों को दरकिनार करते हुए पशुपालन का कार्य शुरू किया। 9 गायों से शुरू कर आज उनका 'गोकुल फार्म श्रीकृष्ण गोधाम' 3 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रहा है। उनके फार्म का वैदिक घी विदेशों में भी उच्च कीमत पर बिकता है। जानें उनकी सफलता की कहानी और कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।
 

सफलता की कहानी: रेणू सांगवान का प्रेरणादायक सफर

झज्जर: जब हौसले मजबूत हों, तो कठिनाइयाँ भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। हरियाणा के झज्जर जिले के एक छोटे से गांव खरमान की निवासी रेणू सांगवान ने इस बात को साबित कर दिखाया है। 2018 में पति के अचानक निधन के बाद, उन्होंने समाज के तानों को नजरअंदाज करते हुए पशुपालन का कार्य संभाला। आज उनका 'गोकुल फार्म श्रीकृष्ण गोधाम' सालाना 3 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहा है, और उनके फार्म का वैदिक घी विदेशों में उच्च कीमत पर बिक रहा है।


9 गायों से शुरू हुआ सफर, बेटे के साथ मिलकर संभाली जिम्मेदारी


रेणू ने 2016-17 में अपने पति कृष्ण पहलवान के साथ मिलकर केवल 9 देसी गायों से डेयरी फार्मिंग की शुरुआत की थी। सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन 2018 में पति का अचानक निधन हो गया। उस कठिन समय में लोगों ने तरह-तरह की बातें कीं, लेकिन रेणू ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद वेटरनरी का कोर्स किया और आधुनिक पशुपालन की तकनीकें सीखी। अपने बेटे डॉ. विनय सांगवान के साथ मिलकर उन्होंने फार्म को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का निर्णय लिया।


280 से अधिक देसी गायें, रोजाना 800 लीटर दूध का उत्पादन


शुरुआत में 9 गायों से शुरू हुआ फार्म अब 280 से अधिक देसी नस्ल की गायों का घर है, जिनमें साहीवाल, गिर, राठी, थारपारकर और हरियाणवी नस्ल शामिल हैं। फार्म से प्रतिदिन 800 लीटर से अधिक शुद्ध दूध का उत्पादन होता है, जिसे कांच की बोतलों में पैक कर दिल्ली और गुरुग्राम के बाजारों में 120 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाता है। स्वच्छता बनाए रखने के लिए फार्म में आधुनिक मिल्किंग मशीनें और संयंत्र स्थापित किए गए हैं।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैदिक घी की मांग


फार्म में पारंपरिक बिलोना पद्धति से तैयार किया गया शुद्ध देसी घी न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी बहुत लोकप्रिय है। यह वैदिक घी 3,500 रुपये प्रति किलो की दर से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन और फिलीपींस जैसे देशों में भेजा जाता है। दूध और घी के अलावा, पनीर, बर्फी और च्यवनप्राश जैसे उत्पादों के माध्यम से फार्म ने 3 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए, रेणू सांगवान को केंद्र सरकार द्वारा 'राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवॉर्ड 2024' और 'मिलेनियर फार्मर्स ऑफ इंडिया' सम्मान से भी नवाजा गया है।