झारखंड में छात्रों का आंदोलन: क्या है JPSC और JSSC परीक्षाओं का विवाद?
छात्रों का आंदोलन तेज, रांची में धरना जारी
नई दिल्ली: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। बुधवार को जब पुलिस वहां पहुंची, तो छात्रों के बीच हिरासत को लेकर चर्चा शुरू हो गई। रांची पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे छात्रों को हिरासत में लेने नहीं आए थे, बल्कि पिछले पथराव की घटना के संदिग्धों की पहचान के लिए आए थे।
रांची के एसपी पारस राणा ने बताया कि सोशल मीडिया पर हिरासत में लिए जाने की गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की कोर कमेटी ने परिसर में कुछ असामाजिक तत्वों की मौजूदगी की शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की और पहचान पत्रों की जांच की। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई बाहरी या आपराधिक तत्व छात्रों के आंदोलन का फायदा न उठा सके।
छात्रों ने प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया
छात्र नेता पीयूष कुमार ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से बातचीत कर रहे थे। उनके अनुसार, SSP, DSP और जिला मजिस्ट्रेट ने छात्रों और CGL अभ्यर्थियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की। हालांकि, पीयूष ने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल खाली करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उपायुक्त ने छात्रों से की अपील
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रशासन छात्रों की स्थिति और वहां की व्यवस्था देखने के लिए पहुंचा था। उन्होंने बताया कि दो छात्र भूख हड़ताल पर हैं और प्रशासन ने उनसे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए बिना अपनी बात रखने की अपील की है। डीसी ने प्रशासन की ओर से चौबीसों घंटे सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही, उन्होंने सोमवार को विधानसभा की ओर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पथराव की घटना में 14 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
बीजेपी नेताओं का छात्रों के समर्थन में आना
आंदोलन स्थल पर बीजेपी नेता भी पहुंचे। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कहा कि छात्रों का मुद्दा केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने प्रशासन पर छात्रों को डराने का आरोप लगाया। शाही के अनुसार, NDA सांसदों ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया है और बीजेपी छात्रों के साथ खड़ी है।
छात्रों की मांगें: परीक्षा रद्द और CBI जांच
छात्र JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में सुधार, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल बुधवार को 11वें दिन भी जारी रही। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनके आंदोलन से पीछे हटने की बात सामने नहीं आई।
प्रदर्शनकारी प्रेम नायक ने भी बताया कि वह नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस द्वारा पहचान पत्र मांगकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि दबाव के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।