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झारखंड में छात्रों का विधानसभा घेराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल के बावजूद आंदोलन में भाग लिया। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। जानें इस घटनाक्रम के सभी महत्वपूर्ण पहलू।
 

विधानसभा घेराव का घटनाक्रम

रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सोमवार को छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया। यह प्रदर्शन लगभग दस घंटे तक चला, जिसके बाद पुलिस ने शाम सात बजे विधानसभा के बाहर की सड़क को खाली कराया। छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके चलते कई छात्र सड़क पर लेट गए और हटने से मना कर दिया।


पुलिस ने छात्रों को वहां से हटाया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। विधानसभा के गेट नंबर एक के सामने नौ दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलन में शामिल थे। पुलिस ने उन्हें जबरन एंबुलेंस में लादकर ले जाया। महतो ने भूख हड़ताल के बावजूद एंबुलेंस और बाद में स्ट्रेचर के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश की।


आंदोलनकारी छात्रों के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और यह अब एक जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब सभी बातचीत सीधे मुख्यमंत्री से होगी और जब तक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द नहीं किया जाता और परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


सुबह करीब नौ बजे, छात्रों ने विधानसभा परिसर के पास कई बैरिकेड्स तोड़ दिए। शाम चार बजे, छात्रों ने अंतिम बैरिकेडिंग भी पार कर ली, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के गेट के सामने और आसपास की सड़कों पर पहुंच गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह टकराव हुआ, जिसमें पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।


दिनभर के घटनाक्रम के बाद, शाम सात बजे पुलिस ने विधानसभा के सामने की सड़क को खाली कराया, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अब भी मौजूद हैं और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।


रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया था। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आंदोलन अब जनआंदोलन बन चुका है और रुकने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है।


महतो ने कहा कि सरकार के साथ तीन दौर की वार्ता हो चुकी है और अब छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसका असर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भी पड़ सकता है।