झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
सदन की कार्यवाही स्थगित
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन, मंगलवार को, विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन में हो रहे हंगामे के कारण कार्यवाही को एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए पहली बार है जब उन्हें इस तरह का निर्णय लेना पड़ा।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएसएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सरकार 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और अन्य बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
विपक्ष का हंगामा
भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने सदन में नोटों की गड्डी लहराई, जिस पर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र को पैसे के बल पर खरीदने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास काफी धन है और सभी के घरों पर छापे पड़ने चाहिए।
वित्त मंत्री का विधेयक
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को सदन में पेश किया, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया।
सदन का तनावपूर्ण माहौल
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच हंगामा शुरू हो गया, जिससे प्रश्नकाल नहीं हो सका। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने छात्रों के आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की।
भाजपा का विशेषाधिकार हनन नोटिस
भाजपा विधायक दल के सचेतक राज सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर 10 अगस्त को उन्हें सदन की कार्यवाही में शामिल होने से वंचित करने का मामला उठाया। उन्होंने इसे विशेषाधिकार हनन का मामला बताया।
सत्र का समापन
अंत में, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाला था, लेकिन यह 11 अगस्त को ही समाप्त हो गया।