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टीएमसी में काकोली घोष का बग़ावत: पार्टी के भीतर की कलह का खुलासा

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद काकोली घोष ने पार्टी के भीतर की कलह को उजागर करते हुए कल्याण बनर्जी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर बताया कि बनर्जी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। इसके बाद, घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। जानें काकोली घोष की राजनीतिक यात्रा और उनकी सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बारे में।
 

टीएमसी में बढ़ती आंतरिक कलह


नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। टीएमसी सांसद काकोली घोष ने अपने ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी में सब कुछ सामान्य नहीं है। घोष ने लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कल्याण बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बनर्जी ने संसद में कई बार उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया और दुर्व्यवहार किया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी लिखा कि कल्याण बनर्जी महिला सांसदों के साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं।


काकोली घोष का इस्तीफा

काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। बारासात से सांसद काकोली ने अपना इस्तीफा पत्र तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा, जिसमें उन्होंने लिखा, 'मैं अत्यधिक पीड़ा और चिंता के साथ पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों, समितियों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रही हूं।' उन्होंने सीधे तौर पर लोकसभा में मौजूदा चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर निशाना साधा। घोष ने कहा कि जब पार्टी में महिलाओं का सम्मान नहीं है, तो किसी भी पद पर रहना कठिन हो जाता है।


चीफ व्हिप के पद से हटाए जाने के बाद

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी में बदलाव करते हुए काकोली घोष को चीफ व्हिप के पद से हटा दिया था और यह जिम्मेदारी कल्याण बनर्जी को सौंप दी थी। इसके बाद से पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति उत्पन्न हो गई। काकोली घोष पिछले कुछ समय से टीएमसी से असंतुष्ट थीं और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।


काकोली घोष की सुरक्षा

काकोली घोष को टीएमसी के चीफ व्हिप के पद से हटाए जाने के कुछ घंटों बाद केंद्र सरकार ने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। हाल ही में, केंद्र सरकार ने टीएमसी के कई नेताओं की सुरक्षा में कटौती की थी, लेकिन गृह मंत्रालय को काकोली की सुरक्षा को लेकर खतरे की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें सीआईएसएफ की सुरक्षा दी गई।


काकोली घोष का राजनीतिक सफर

काकोली घोष दस्तीदार 66 वर्ष की हैं और पश्चिम बंगाल की बारासात लोकसभा सीट से चार बार सांसद रह चुकी हैं। टीएमसी ने उन्हें पहली बार 2009 में बारासात सीट से उम्मीदवार बनाया था, और उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी काकोली घोष ने टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज की।