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ट्रंप का ईरान को अंतिम चेतावनी: समझौता न होने पर विनाश की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक गंभीर अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने जल्द ही कोई समझौता नहीं किया, तो अमेरिका उसके महत्वपूर्ण ठिकानों पर बमबारी करेगा। इस स्थिति में यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री ने और भी जटिलता बढ़ा दी है। ट्रंप का कहना है कि यह कार्रवाई उन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला होगी, जिन्हें ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मारा। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर युद्ध की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
 

वाशिंगटन में तनाव बढ़ता हुआ

वाशिंगटन: अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के खिलाफ चल रही गंभीर स्थिति को एक महीना हो चुका है, लेकिन यह अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरान के साथ बातचीत जारी है, जबकि ईरान इन दावों को पूरी तरह से नकार रहा है। इस बीच, ट्रंप ने ईरान को एक गंभीर अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने जल्द ही कोई समझौता नहीं किया और होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट, तेल के कुएं और खार्ग द्वीप पर बमबारी कर उन्हें नष्ट कर देगा।


हूती विद्रोहियों का खतरा

हूती विद्रोहियों की एंट्री और मंडराता नया खतरा

ट्रंप का यह खतरनाक अल्टीमेटम ऐसे समय में आया है, जब यमन के हूती विद्रोहियों ने इस संघर्ष में सीधे तौर पर भाग लेना शुरू कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर भी खतरा बढ़ गया है। इससे पहले, ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के ऊर्जा प्लांट्स पर बमबारी रोकने का आदेश दिया था और कहा था कि उनकी ईरानी नेताओं के साथ शांति समझौते को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है।


समझौता या विनाश

‘समझौता करो या तबाही के लिए तैयार रहो’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान को सीधे तौर पर धमकी दी है। उन्होंने लिखा है कि अमेरिका एक नए और समझदार शासन के साथ बातचीत कर रहा है ताकि सैन्य ऑपरेशन को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काफी प्रगति हुई है, लेकिन यदि जल्द ही कोई समझौता नहीं होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला जाता है, तो अमेरिका इस ऑपरेशन को भयानक तरीके से समाप्त करेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान के सभी पावर प्लांट, तेल के कुएं, खार्ग द्वीप और जलवाष्पीकरण प्लांट को बम से नष्ट कर दिया जाएगा।


सैनिकों की मौत का बदला

सैनिकों की मौत और 47 साल के ‘आतंक’ का बदला

अपनी पोस्ट में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने अब तक जानबूझकर ईरान के चार महत्वपूर्ण आर्थिक ठिकानों पर कोई हमला नहीं किया है। बमबारी की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि तबाही होती है, तो यह उन कई अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पुराने शासन के 47 साल के आतंक के दौरान बेरहमी से मारा था। ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर युद्ध की चिंताएं और बढ़ गई हैं।