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ट्रंप का ईरान पर कड़ा रुख: होरमुज की खाड़ी से तेल की मदद से किया इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होरमुज की खाड़ी से अमेरिकी सेना को हटाने का संकेत दिया है। उन्होंने नाटो देशों को सलाह दी है कि उन्हें तेल की आवश्यकता हो तो खुद ही इसे प्राप्त करें। ट्रंप ने ब्रिटेन और फ्रांस पर भी निशाना साधा है, जबकि ईरान पर अमेरिकी हमले जारी हैं। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और ट्रंप के ताजा बयान के बारे में।
 

ट्रंप का नया बयान

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होरमुज की खाड़ी से अमेरिकी सेना को हटाने का संकेत दिया है। उन्होंने नाटो के सदस्य देशों को यह सलाह दी है कि यदि उन्हें तेल की आवश्यकता है, तो उन्हें खुद ही होरमुज की खाड़ी से तेल प्राप्त करना होगा, और अमेरिका इस मामले में कोई सहायता नहीं करेगा। यह माना जा रहा है कि ईरान के साथ संभावित युद्ध में यूरोपीय देशों से सहयोग न मिलने के कारण ट्रंप ने यह बयान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश तेल चाहते हैं, वे अमेरिका से खरीद सकते हैं।


ब्रिटेन और फ्रांस पर निशाना

ट्रंप ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका अब किसी भी देश की सहायता नहीं करेगा। देशों को अपने हालात का सामना खुद करना होगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्रिटेन को विशेष रूप से निशाना बनाते हुए कहा कि ब्रिटेन जैसे देशों को, जो होरमुज की खाड़ी से तेल नहीं ले पा रहे हैं, अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए, क्योंकि अमेरिका के पास इसकी कोई कमी नहीं है।


इसके अलावा, ट्रंप ने फ्रांस पर भी आरोप लगाया कि उसने अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी, जो इजराइल के लिए सैन्य सामग्री ले जा रहे थे।


ईरान पर अमेरिकी हमले जारी

हालांकि ट्रंप ने यह दावा किया कि ईरान काफी कमजोर हो चुका है और सबसे कठिन काम पहले ही पूरा हो चुका है, अमेरिकी हमले जारी हैं। ट्रंप ने ईरान पर हमले का एक वीडियो भी साझा किया है।


अमेरिकी मीडिया के अनुसार, सोमवार रात इस्फहान शहर पर एक बड़े हथियार डिपो पर हवाई हमला किया गया, जिसमें दो हजार पाउंड के बंकर बस्टर बमों का उपयोग किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले के परिणामस्वरूप डिपो में रखे हथियारों में विस्फोट हुआ, जिससे कई धमाके हुए और इलाके में आग के गुबार उठे।