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ट्रंप ने ईरान युद्ध समाप्ति के लिए 9 अप्रैल 2026 की समय-सीमा तय की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए 9 अप्रैल 2026 की समय-सीमा निर्धारित की है। यह निर्णय इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की यात्रा से पहले युद्ध समाप्त होने की संभावना है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता की योजना बनाई जा रही है। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर कोई ठोस टिप्पणी नहीं की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

पश्चिम एशिया में संघर्ष और ट्रंप का निर्णय

पश्चिम एशिया में चल रहे गंभीर सैन्य संघर्ष के बीच, एक नई रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। इज़राइली मीडिया के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए 9 अप्रैल 2026 की एक संभावित समय-सीमा निर्धारित की है। यह जानकारी उस समय आई है जब ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा स्थलों पर अमेरिकी हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया है।


9 अप्रैल का महत्व और इज़राइल का संबंध

इज़राइल के प्रमुख समाचार पत्र 'येदिओथ अहरोनोथ' ने एक अनाम अधिकारी के हवाले से बताया कि यह तारीख बेहद महत्वपूर्ण है।


इज़राइल प्राइज: ट्रंप को इस महीने के अंत में 'नेशनल इज़राइल प्राइज़' से सम्मानित किया जाएगा।


स्वतंत्रता दिवस: 9 अप्रैल तक युद्ध समाप्त होने से ट्रंप इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हो सकेंगे और शांति दूत के रूप में वहां पहुंच पाएंगे।


बचा हुआ समय: रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन के पास बातचीत और सैन्य दबाव के बीच संतुलन बनाने के लिए लगभग 21 दिन का समय है।


युद्ध की समाप्ति की योजना

अधिकारी ने कहा कि युद्ध इस महीने के अंत में इज़राइल में 'नेशनल इज़राइल प्राइज़' लेने के लिए ट्रंप की प्रस्तावित यात्रा से पहले समाप्त होगा। उन्होंने कहा, "9 अप्रैल को युद्ध खत्म होने से ट्रंप इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इज़राइल प्राइज़ लेने के लिए वहां पहुंच पाएंगे।"


US-ईरान वार्ता का स्थान

'द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल' ने एक अनाम इज़राइली अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक बैठक आयोजित करने की कोशिश की जा रही है - संभवतः इसी सप्ताह के अंत में।


इज़राइल की चिंताएँ

हालांकि, इज़राइल को इन चर्चाओं या वॉशिंगटन के ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ के साथ कथित संपर्कों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। ग़ालिबफ़ ने इन संपर्कों में शामिल होने से इनकार किया है और ट्रंप के दावों को "फर्जी खबर" बताया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय बाजारों में हेरफेर करना है।


व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने उन रिपोर्टों पर कोई ठोस टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वैंस, शांति मिशन के लिए अमेरिकी विशेष राष्ट्रपति दूत स्टीव विटकॉफ, और व्यवसायी जेरेड कुशनर इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मिलेंगे।


लेविट ने कहा कि जब तक व्हाइट हाउस द्वारा औपचारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक इसे अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं, और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति है, और बैठकों के बारे में लगाए जा रहे कयासों को तब तक अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि व्हाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न कर दी जाए।"