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ट्रंप ने पाकिस्तान यात्रा रद्द की, ईरान पर डाला बातचीत का दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने वाले प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को रद्द कर दिया है। उन्होंने ईरान पर बातचीत की जिम्मेदारी डालते हुए कहा कि यदि ईरान बातचीत करना चाहता है, तो उन्हें केवल एक फोन करना होगा। इस बीच, यूएन ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने से वैश्विक खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

ट्रंप ने यात्रा रद्द करने का कारण बताया

कहा- प्लेन में 18 घंटे बैठकर बेकार की बातें करने नहीं जाना
Trump Cancels Pakistan Visit, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने वाले प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को रद्द कर दिया है। उन्होंने बातचीत की जिम्मेदारी ईरान पर डालते हुए कहा कि यह दूसरी बार है जब दोनों देशों के बीच मीटिंग टली है। इससे पहले, ईरान ने शांति वार्ता से इनकार करते हुए कहा था कि अमेरिका को पहले होर्मुज स्ट्रेट से नाकेबंदी हटानी होगी।


ट्रंप का सोशल मीडिया पर बयान

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि उन्होंने अपने दूतों को पाकिस्तान न जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यात्रा में बहुत समय लगता है और 18 घंटे बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं है। यदि ईरान बातचीत करना चाहता है, तो उन्हें केवल एक फोन करना होगा।


ईरानी विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा

इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को अमेरिकी अधिकारियों के पहुंचने से पहले पाकिस्तान से रवाना होकर पाक पीएम और आर्मी चीफ से मुलाकात की। उन्होंने ईरान की शर्तें और अमेरिकी मांगों पर अपनी आपत्तियां भी प्रस्तुत कीं।


यूएन की चेतावनी

यूएन की चेतावनी- होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो दुनिया के करोड़ों लोगों को करना पड़ सकता है भूख और अकाल जैसी स्थिति का सामना

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने से वैश्विक उर्वरक आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। यदि समुद्री आपूर्ति बाधित होती है, तो दुनिया के करोड़ों लोग भूख और अकाल जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं। यूएन प्रोजेक्ट सर्विसेज कार्यालय ने कहा है कि उर्वरक सप्लाई में रुकावट वैश्विक मानवीय संकट को जन्म दे सकती है।


खाद्य असुरक्षा का खतरा

एजेंसी के कार्यकारी निदेशक जॉर्ज मोरेइरा दा सिल्वा ने कहा कि यदि मौजूदा हालात जारी रहे, तो लाखों लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उर्वरकों के लिए आवश्यक कच्चे माल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसका सीधा असर खेती की लागत, उत्पादन और खाद्य कीमतों पर पड़ेगा।