ट्रम्प ने नौसेना प्रमुख को बर्खास्त किया, सैन्य सुधारों में देरी का आरोप
जहाजों के निर्माण में हो रही थी देरी
US Navy Secretary, वॉशिंगटन डीसी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को उनके पद से हटा दिया है। इसके साथ ही, परमाणु विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में निलंबित किया गया है, जो कथित तौर पर हनी ट्रैप का शिकार हो गए थे। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है।
फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना सक्रिय है। पेंटागन ने हटाए जाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, फेलन और पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों के बीच पिछले कुछ महीनों से मतभेद चल रहे थे। विशेष रूप से, नौसेना के जहाज निर्माण कार्यक्रम और नेतृत्व के मुद्दों पर उनके और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था।
जरूरी सैन्य सुधारों में धीमी प्रगति
अमेरिका अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और सपोर्ट जहाज तेजी से बनाना चाहता है। इसके लिए बड़े स्तर पर शिपबिल्डिंग सुधारों की योजना बनाई गई थी, जिसमें नए जहाजों के डिजाइन को तेज करना, निर्माण प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और प्राइवेट शिपयार्ड के साथ बेहतर तालमेल शामिल था।
हालांकि, इन योजनाओं में कई समस्याएं आ रही थीं। जहाजों के निर्माण में देरी हो रही थी और कई प्रोजेक्ट तय समय से पीछे चल रहे थे। लागत भी लगातार बढ़ रही थी, जिससे बजट से अधिक खर्च हो रहा था। हेगसेथ का मानना था कि फेलन आवश्यक सैन्य सुधारों को लागू करने में काफी धीमे हैं।
विवाद का कारण
फेलन का सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क करना भी विवाद का कारण बना। आमतौर पर, अमेरिकी सेना में एक निश्चित कमांड चेन होती है, जिसमें निर्णय और जानकारी नीचे से ऊपर एक क्रम में जाती है। लेकिन आरोप था कि फेलन ने इस व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सीधे राष्ट्रपति से बात की, जिससे हेगसेथ नाराज हो गए थे।