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ट्रम्प प्रशासन को हरमीत कौर ढिल्लों का इस्तीफा, मध्यावधि चुनावों में हार का असर

हरमीत कौर ढिल्लों, जो ट्रम्प प्रशासन में नागरिक अधिकारों के प्रमुख थीं, ने हाल ही में इस्तीफा दिया है। यह कदम अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनावों में मिली हार के बाद आया है। ढिल्लों ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया और ट्रम्प को धन्यवाद दिया। उनके इस्तीफे के बाद और भी इस्तीफों की संभावना जताई जा रही है। इस लेख में उनके योगदान, इस्तीफे के कारण और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की गई है।
 

हरमीत कौर ढिल्लों का इस्तीफा

3 नवंबर को अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में मिली हार के बाद, ट्रम्प प्रशासन को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत कौर ढिल्लों, जो अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख थीं, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रमुख सहयोगियों में से पहली हैं जिन्होंने अपने पद से हटने का निर्णय लिया। चंडीगढ़ में जन्मी ढिल्लों, जो पहले लंदन में रह चुकी हैं, को ट्रम्प ने दिसंबर 2024 में इस पद पर नियुक्त किया था। उन्होंने अप्रैल में नागरिक अधिकारों के सहायक अटॉर्नी जनरल (AAG) के रूप में शपथ ली थी। उनके इस्तीफे के बाद और भी कई इस्तीफे संभव हैं, क्योंकि कई रिपब्लिकन पहले ही ट्रम्प प्रशासन की नीतियों, विशेषकर ईरान युद्ध और व्यापार शुल्कों को लेकर असंतोष व्यक्त कर चुके हैं। हालांकि, ढिल्लों ने अपने फैसले के लिए किसी को दोष नहीं दिया और ट्रम्प को AAG के रूप में काम करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद कहा।


ढिल्लों का योगदान और भविष्य की संभावनाएँ

गुरुवार को एक्स पर ढिल्लों ने कहा कि नागरिक अधिकारों के लिए AAG के रूप में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उल्लेखनीय है कि उनकी कानूनी फर्म ट्रम्प के 2020 के चुनाव अभियान का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अवैध DEI (विविधता, समानता और समावेश) को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं और लड़कियों के खेलों की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने ट्रम्प को इस अवसर के लिए धन्यवाद दिया और आगे की संभावनाओं का इंतजार किया। कई रिपब्लिकन और ट्रम्प के समर्थकों ने मध्यावधि चुनावों में मिली हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि 80 वर्षीय अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसके लिए शेयर बाजार में आई भारी गिरावट को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वासन दिया कि रिपब्लिकन फिर से वापसी करेंगे और अमेरिका को महान बनाएंगे।


शेयर बाजार की गिरावट और भविष्य की चुनौतियाँ

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि चुनाव परिणामों के कारण शेयर बाजार ने इतिहास के सबसे खराब दिनों में से एक का सामना किया है। उन्होंने कहा कि यह देखना दुखद है कि देश को उस स्तर तक पहुँचाने के लिए की गई मेहनत अब बेकार हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए रिपब्लिकन नहीं, बल्कि 'डेमोक्रेट्स' जिम्मेदार हैं। वर्तमान में अमेरिकी हाउस और सीनेट पर डेमोक्रेट्स का पूरा नियंत्रण है। विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि अगले राष्ट्रपति चुनाव में क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन फिलहाल ट्रम्प की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने की संभावना है।