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डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर न्यूक्लियर हथियारों के खिलाफ सख्त रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर हथियारों के खिलाफ एक स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कई बार यह कहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। इस लेख में ट्रंप के बयानों की समयरेखा और अमेरिकी नीति के प्रभाव पर चर्चा की गई है। जानें कि कैसे ट्रंप ने इस मुद्दे पर लगातार अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की नीति क्या है।
 

ट्रंप का स्पष्ट संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय लेने से पहले कम से कम 74 बार यह स्पष्ट किया है कि तेहरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।


व्हाइट हाउस ने सोमवार को बताया कि ट्रंप ने दशकों से इस मुद्दे पर एक ही बात दोहराई है कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने पिछले 15 वर्षों में दिए गए बयानों का एक संकलन भी साझा किया, जो नवंबर 2011 से शुरू होता है। उनके शब्द भले ही थोड़े भिन्न रहे हों, लेकिन उनका संदेश हमेशा एक जैसा रहा है।


ट्रंप के बयान की समयरेखा

24 फरवरी, 2026 को ट्रंप ने कहा कि 'मिडनाइट हैमर' के बाद ईरान को चेतावनी दी गई थी कि वह अपने हथियार कार्यक्रम, विशेषकर परमाणु हथियार, को फिर से शुरू न करे। उन्होंने यह भी कहा कि वह दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद के समर्थक को न्यूक्लियर हथियार रखने की अनुमति नहीं देंगे।


19 फरवरी, 2026 को उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, क्योंकि इससे मध्य पूर्व में शांति की संभावना समाप्त हो जाएगी।


13 फरवरी, 2026 को उन्होंने कहा कि वे यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं देंगे। उनके शब्द थे—हमें किसी भी प्रकार का संवर्धन नहीं चाहिए।


ट्रंप के संक्षिप्त और स्पष्ट बयान

9 फरवरी, 2026 को उन्होंने कहा—कोई परमाणु हथियार नहीं।


6 फरवरी, 2026 को उन्होंने कहा: 'एक बात, और एकदम साफ- कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं।'


29 जनवरी, 2026 को उन्होंने कहा: 'नंबर एक, कोई न्यूक्लियर नहीं।'


25 जून, 2025 को उन्होंने कहा कि वे पिछले 15 साल से यही कह रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता।


ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी नीति

3 नवंबर, 2024 को ट्रंप ने चेतावनी दी: 'ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। न्यूक्लियर वेपन हमारे देश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।'


27 अगस्त, 2024 को उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आया तो इजराइल को बड़ा नुकसान हो सकता है।


6 जनवरी, 2020 को ट्रंप ने बड़े अक्षरों में ऐलान किया: 'ईरान के पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा!'


अमेरिकी नीति का स्थायी रुख

व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप का यह रुख लंबे समय से चली आ रही अमेरिकी नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान को परमाणु बम हासिल करने से रोकना है। पिछले एक दशक से अधिक समय से ईरान का परमाणु कार्यक्रम पश्चिम एशिया में अमेरिकी नीति का केंद्र बना हुआ है।