डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर विवादास्पद बयान और ईरान की प्रतिक्रिया
ट्रंप का विवादास्पद बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत के बारे में एक विवादास्पद टिप्पणी की, जिससे उनकी भारत विरोधी मानसिकता का पता चलता है। 22 अप्रैल 2026 को, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें अमेरिका के रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पडकास्ट की टिप्पणियों का उल्लेख था। इस पोस्ट में भारत और चीन को 'हेलहोल' यानी नरक कहा गया और भारतीय तथा चीनी प्रवासियों को 'लैपटॉप वाले गैंगस्टर' के रूप में संबोधित किया गया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन देशों से आए प्रवासियों ने अमेरिका को माफिया परिवारों से भी अधिक नुकसान पहुँचाया।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
ट्रंप की इस अपमानजनक टिप्पणी पर भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानता और अनुचितता का परिचायक हैं। ईरान ने भी ट्रंप को जवाब देते हुए भारत की प्रशंसा की और सुझाव दिया कि उन्हें एक 'वन वे कल्चरल डिटॉक्स' बुक कराना चाहिए ताकि उनकी बेतुकी बयानबाजी कम हो सके। ईरानी कंसुलेट ने भी ट्रंप को आईना दिखाते हुए कहा कि उन्हें भारत आकर देखना चाहिए।
ट्रंप की सफाई
जब ट्रंप की आलोचना बढ़ी, तो उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार किया और भारत के बारे में अपने विवादास्पद बयान पर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि भारत एक महान देश है और उनके शीर्ष पर एक अच्छे दोस्त हैं। यह महत्वपूर्ण है कि ट्रंप को यह याद रहे कि जिस भारत को उन्होंने नर्क कहा, उसी देश के नागरिक अमेरिका की समृद्धि में योगदान दे रहे हैं।
भारतीय मूल के सीईओ का योगदान
सत्य नडेला, सुंदर पिचई और अरविंद कृष्णा जैसे भारतीय मूल के सीईओ आज अमेरिका की प्रमुख कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। अमेरिका की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में लगभग 20 कंपनियों का नेतृत्व भारतीय मूल के सीईओ कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि ट्रंप की सोच कितनी दूषित हो गई है, क्योंकि उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि अमेरिका के लिए क्या फायदेमंद है।