×

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और रूस के संबंधों पर अपनी राय व्यक्त की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान और रूस के संबंधों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को रूस से कोई मदद मिली है, तो उसका प्रभाव नगण्य है। ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के आरोपों पर भी चर्चा की और कहा कि वे इस बारे में पुतिन से बात करेंगे। उनका मानना है कि ईरान संघर्ष में हार रहा है, भले ही रूस ने मदद की हो। ट्रंप ने वेनेज़ुएला के उदाहरण से भी रूस की मदद को बेअसर बताया।
 

ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वॉशिंगटन के खिलाफ चल रही लड़ाई में यदि ईरान को रूस से कोई सहायता मिली है, तो उसका प्रभाव नगण्य है। उन्होंने यह भी बताया कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के हालिया आरोपों पर अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से चर्चा करेंगे। ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया था कि रूस ईरान को सैटेलाइट से जुड़ी खुफिया जानकारी प्रदान कर रहा है, जिससे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों में हमले किए जा सकें। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि रूस अपनी सेना को मजबूत करने के लिए उत्तर कोरिया के 30,000 सैनिकों को बुलाने की योजना बना रहा है।


ट्रंप का दृष्टिकोण

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को बुरी तरह से हराया है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही रूस की मदद मिली हो, ईरान संघर्ष में हार रहा है। ट्रंप ने कहा, "हम जानेंगे कि यह सच है या नहीं। मैं पुतिन से इस बारे में पूछूंगा।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास कोई मजबूत सेना या वायु सेना नहीं है, इसलिए रूस की मदद का कोई खास असर नहीं पड़ा है।


वेनेज़ुएला का उदाहरण

ट्रंप ने वेनेज़ुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस की मदद बेअसर रही है। उन्होंने कहा, "वेनेज़ुएला के पास सारा रूसी साज़ो-सामान था, लेकिन उसका कोई खास नतीजा नहीं निकला।"


ज़ेलेंस्की के दावों पर प्रतिक्रिया

ज़ेलेंस्की के दावों पर असहमति जताते हुए ट्रंप ने मज़ाक में कहा कि यदि रूस ने कोई मदद की है, तो वह बेअसर रही है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा कर रहे हैं, कम से कम बड़े स्तर पर तो बिल्कुल नहीं।" यह टिप्पणी ज़ेलेंस्की की उस चेतावनी के बाद आई है जिसमें उन्होंने बताया था कि यूक्रेनी इंटेलिजेंस ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों पर रूस की सक्रिय सैटेलाइट निगरानी का पता लगाया है।