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डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कहा, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने इस जलमार्ग के महत्व और ईरान के साथ बातचीत के बारे में अपने विचार साझा किए। ट्रंप ने अपनी टिप्पणी को गलती मानते हुए कहा कि मीडिया इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश करेगा। जानें इस जलडमरूमध्य का ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व क्या है।
 

ट्रंप की विवादास्पद टिप्पणी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' के नाम से संबोधित किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टिप्पणी में उनकी कोई गलती नहीं थी। यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग है। इसके बंद होने से वैश्विक पेट्रोलियम आपूर्ति में भारी कमी आई है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं और क्षेत्र के तेल उत्पादक देशों को प्रतिदिन लाखों बैरल तेल का उत्पादन कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मियामी में सऊदी समर्थित एफआईआई प्रायोरिटी इन्वेस्टमेंट फोरम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान को इस जलडमरूमध्य को खोलना होगा।


ट्रंप की प्रतिक्रिया

अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वाशिंगटन में कई इमारतों का नाम अपने नाम पर रखने वाले ट्रंप ने अपनी टिप्पणी को गलती बताया। उन्होंने कहा, "मेरा मतलब होर्मुज था। मुझे खेद है, यह एक बड़ी गलती थी।" ट्रंप ने मजाक में कहा कि मीडिया इस टिप्पणी को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करेगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ बहुत कम गलतियाँ होती हैं। 79 वर्षीय अमेरिकी नेता ने तेहरान के साथ बातचीत जारी रखने की बात की, यह कहते हुए कि ईरान गिड़गिड़ा रहा है और उसके नेतृत्व को भारी नुकसान हुआ है।


होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जो अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 33 किलोमीटर चौड़ा है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, और यहाँ से जहाज वैश्विक बाजारों की ओर बढ़ते हैं। ऐतिहासिक रूप से, इस जलडमरूमध्य ने व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में, यह सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान से तेल और गैस ले जाने वाले बड़े टैंकरों के लिए मुख्य मार्ग है। ईरान का इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण उसकी रणनीतिक ताकत को दर्शाता है। संघर्ष से पहले यह जलडमरूमध्य वैश्विक जहाजरानी के लिए खुला था, लेकिन अब यह अवरुद्ध है, जिससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं।