डोनाल्ड ट्रम्प ने व्यापार समझौते से पहले भारी टैरिफ का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्यापार समझौते की समय सीमा से पहले कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है। इसमें कनाडा, ब्राजील, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के उत्पाद शामिल हैं। ट्रम्प ने पाकिस्तान के साथ एक "ऐतिहासिक ऊर्जा साझेदारी" की भी घोषणा की है, जिसके तहत दोनों देश मिलकर तेल भंडार विकसित करेंगे। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
Aug 1, 2025, 11:15 IST
अमेरिकी राष्ट्रपति का टैरिफ बढ़ाने का निर्णय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार, 1 अगस्त, 2025 को व्यापार समझौते की समय सीमा से पहले कई व्यापारिक साझेदारों पर उच्च टैरिफ लगाने का निर्णय लिया। इसमें कनाडा से आने वाले सामानों पर 35%, ब्राजील के लिए 50%, भारत के लिए 25%, ताइवान के लिए 20% और स्विट्जरलैंड के लिए 39% शुल्क शामिल हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान के साथ "ऐतिहासिक ऊर्जा साझेदारी" की घोषणा के एक दिन बाद, ट्रम्प ने पाकिस्तानी उत्पादों पर 19% टैरिफ भी लगाया। यह कदम ट्रम्प के "मुक्ति दिवस" टैरिफ के विस्तार योजना का हिस्सा है, जिसकी घोषणा उन्होंने गुरुवार को की थी। ये नए टैरिफ 7 अगस्त को वाशिंगटन समयानुसार रात 12:01 बजे से लागू होंगे।
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच ऊर्जा साझेदारी
राष्ट्रपति ट्रम्प को नोबेल पुरस्कार का सपना दिखाने के बाद, पाकिस्तान ने उन्हें तेल के सपने का आश्वासन दिया है। हालांकि, पाकिस्तान में तेल की कमी है, क्योंकि वहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 272 रुपये है। भारतीय उत्पादों पर 25% आयात शुल्क लगाने की घोषणा के बाद, ट्रम्प ने यह भी बताया कि अमेरिका और पाकिस्तान एक समझौते के तहत मिलकर पाकिस्तान के "विशाल तेल भंडार" को विकसित करेंगे। उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म, ट्रुथ सोशल पर इसे साझा किया और इसे अमेरिका-पाकिस्तान के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी की "एक महत्वपूर्ण शुरुआत" बताया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प किस विशाल तेल भंडार की बात कर रहे थे।
पाकिस्तान पर टैरिफ का विस्तार
पाकिस्तान के साथ "ऐतिहासिक ऊर्जा साझेदारी" की घोषणा के बाद, ट्रम्प ने पाकिस्तानी उत्पादों पर 19% टैरिफ लगाया। पहले पाकिस्तान पर 29% का भारी शुल्क था, लेकिन व्यापार समझौते के बाद यह दर घटकर 19% हो गई है।
टैरिफ बढ़ाने का कारण
डोनाल्ड ट्रम्प ने व्यापार समझौते की समय सीमा से पहले कई व्यापारिक साझेदारों पर उच्च टैरिफ लगाने के लिए एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस आदेश के तहत, 69 व्यापारिक साझेदारों के लिए आयात शुल्क की दर 10% से बढ़कर 41% हो जाएगी। यह कदम वाशिंगटन और प्रमुख साझेदारों जैसे यूरोपीय संघ और जापान के बीच हुए व्यापार समझौतों के अनुरूप है।
आगे और व्यापार समझौतों की संभावना
ट्रम्प के आदेश में कहा गया है कि कुछ व्यापारिक साझेदारों ने ऐसी शर्तें पेश की हैं जो व्यापारिक संबंधों में असंतुलन को दूर नहीं करती हैं। ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि उच्च "पारस्परिक" टैरिफ दरें लागू होने वाली हैं, इसलिए और व्यापार समझौतों की घोषणा होना बाकी है।
व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ की सूची
सीरिया पर 41%, कनाडा से आने वाले सामानों पर 35%, ब्राज़ील पर 50%, भारत पर 25%, ताइवान पर 20% और स्विट्ज़रलैंड पर 39% तक के शुल्क लगाए गए हैं। पाकिस्तान से आयातित सामानों पर शुल्क 29% से घटाकर 19% कर दिया गया है।