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तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़: पीएमके ने टीवीके से दूरी बनाई

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब पीएमके नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने विजय की पार्टी टीवीके से दूरी बना ली। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके उनके विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। रामदास ने एआईएडीएमके को सरकार बनाने का मौका देने की मांग की है। इस बीच, टीवीके बहुमत जुटाने के लिए छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों से समर्थन जुटाने में लगी हुई है। राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती जा रही है।
 

राजनीतिक खींचतान का नया अध्याय

नई दिल्ली - तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति में एक नई हलचल देखने को मिली है। विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर चल रही खींचतान के बीच, पीएमके नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने विजय की पार्टी टीवीके से अपने संबंध तोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी परिस्थिति में टीवीके सरकार का समर्थन नहीं करेगी। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके उनके विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है।


एआईएडीएमके को सरकार बनाने का मौका देने की मांग

राज्यपाल से मुलाकात के बाद, अंबुमणि रामदास ने कहा कि वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके बहुमत जुटाने के लिए पर्दे के पीछे राजनीतिक दबाव और संपर्क अभियान चला रही है।


विधायकों के संपर्क में बाधा

पीएमके के विधायक से संपर्क न होने का दावा
अंबुमणि रामदास ने बताया कि उनकी पार्टी के एक विधायक अचानक संपर्क से बाहर हो गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह “राजनीतिक सौदेबाजी” का हिस्सा हो सकता है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम अपने विधायक से लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। हमें शक है कि सरकार गठन के लिए दबाव बनाया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि संबंधित विधायक आखिरी बार चेन्नई में पार्टी नेताओं के साथ देखे गए थे, उसके बाद उनका फोन बंद आ रहा है। पीएमके ने इस मामले की जांच की मांग भी उठाई है।


टीवीके पर गंभीर आरोप

टीवीके पर लगाए गंभीर आरोप
पीएमके प्रमुख ने विजय की पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि टीवीके जनता के सामने नई और साफ-सुथरी राजनीति की बात करती है, लेकिन अंदरखाने विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है तो उसे लोकतांत्रिक तरीके से सहयोग जुटाना चाहिए, न कि दबाव और लालच की राजनीति करनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही अपने सहयोगियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगी।


तमिलनाडु में राजनीतिक अनिश्चितता

तमिलनाडु में फंसा सत्ता का गणित
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। इसके बाद पार्टी लगातार छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों से समर्थन जुटाने में लगी हुई है। टीवीके ने वाम दलों और कुछ क्षेत्रीय पार्टियों से बातचीत शुरू की है। वहीं एआईएडीएमके भी सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में सक्रिय हो गई है। राज्यपाल ने अब तक किसी भी दल को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है, जिससे राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है।