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तमिलनाडु में TVK को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ा झटका, विधायक की विधानसभा में भागीदारी पर रोक

तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK को मद्रास हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई है। एक वोट के अंतर से जीते सेतुपति की जीत को चुनौती दी गई थी, और अब हाईकोर्ट ने इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

TVK की नई सरकार के लिए चुनौतियाँ


नई दिल्ली: तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK ने भले ही सरकार का गठन कर लिया हो, लेकिन पार्टी को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहले, पार्टी को आवश्यक 118 विधायकों का समर्थन जुटाने में कठिनाई हुई, और अब जब नई सरकार अस्तित्व में आ गई है, मद्रास हाईकोर्ट ने TVK को एक बड़ा झटका दिया है, जिससे फ्लोर टेस्ट को लेकर पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई है.


हाईकोर्ट का आदेश और उसके प्रभाव

मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र से केवल एक वोट के अंतर से जीते TVK विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है। इस आदेश का अर्थ है कि विधायक फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं ले सकेंगे। जबकि TVK पहले से ही बहुमत के लिए विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है, एक विधायक का फ्लोर टेस्ट में शामिल न होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है.


एक वोट के अंतर से मिली जीत

आपको जानकारी हो कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित हुए थे, जिसमें तिरुपत्तूर से TVK के आर. श्रीनिवास सेतुपति ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को केवल एक वोट से हराया था। इसके बाद DMK के वरिष्ठ नेता के.आर. पेरियाकरुप्पन ने उनकी जीत को चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने विधायक के विधानसभा कार्यवाही में भाग लेने पर रोक लगा दी है, जिससे TVK की समस्याएँ बढ़ सकती हैं.


हाईकोर्ट का निर्णय और उसके कारण

TVK विधायक की एक वोट से जीत को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई जस्टिस विक्टोरिया गौरी और एन. सेंथिलकुमार की पीठ ने की। उन्होंने पाया कि मामले में पहली नजर में गड़बड़ी दिखाई दे रही है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि सेतुपति अगले आदेश तक विधानसभा की किसी भी कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे। वह विश्वास मत, अविश्वास प्रस्ताव या किसी भी फ्लोर टेस्ट में वोट नहीं डाल पाएंगे। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र के सभी दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और खारिज किए गए पोस्टल बैलट को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है.