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तमिलनाडु में विजय की पार्टी को हाईकोर्ट से झटका: क्या होगा अगला कदम?

तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), को मद्रास हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है, जिससे मुख्यमंत्री विजय की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। DMK नेता के. आर. पेरियाकरुप्पन ने श्रीनिवास की जीत को चुनौती दी थी, जिसके बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा। जानें इस राजनीतिक संकट के पीछे की कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

तमिलनाडु में राजनीतिक संकट


चेन्नई: तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), को हाल ही में एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपत्तूर से एक वोट के अंतर से जीते विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है। इस निर्णय के बाद, श्रीनिवास फ्लोर टेस्ट में वोट नहीं डाल सकेंगे, जो मुख्यमंत्री विजय के लिए चिंता का विषय बन गया है।


DMK नेता की चुनौती

DMK के वरिष्ठ नेता के. आर. पेरियाकरुप्पन ने श्रीनिवास की जीत को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 4 मई 2026 को हुए चुनाव में पेरियाकरुप्पन एक वोट से हार गए थे। श्रीनिवास को 83,365 वोट मिले, जबकि पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले थे, जिसके बाद सेतुपति को विजेता घोषित किया गया था।


मतपत्रों पर उठे सवाल

पेरियाकरुप्पन ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र का एक पोस्टल बैलट गलती से दूसरे तिरुपत्तूर जिले में चला गया और वहां उसे रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, EVM के आंकड़ों और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिख रहे डेटा में भी 18 वोटों का अंतर पाया गया। उन्होंने याचिका में दोबारा मतगणना की मांग की और श्रीनिवास को शपथ लेने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश की मांग की थी।


हाईकोर्ट का कड़ा निर्णय

जस्टिस विक्टोरिया गौरी और एन. सेंथिलकुमार की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि प्रारंभिक दृष्टि में मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक सेतुपति विधानसभा की किसी भी कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे। वे विश्वास मत, अविश्वास प्रस्ताव या किसी भी फ्लोर टेस्ट में वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके साथ ही चुनाव आयोग को तिरुपत्तूर सीट के सभी दस्तावेज, CCTV फुटेज और खारिज पोस्टल बैलट को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।


TVK सरकार की चुनौती

मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता है। TVK गठबंधन के पास 120 विधायक हैं, लेकिन श्रीनिवास के वोट न कर पाने से अब उनके पास केवल 119 प्रभावी वोट रह गए हैं। यदि गठबंधन का कोई विधायक इधर-उधर होता है, तो सरकार के लिए बहुमत साबित करना कठिन हो जाएगा।