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तमिलनाडु में विजय की प्रधानमंत्री बनने की चर्चा पर पलानीस्वामी का तंज

तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय को प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में पेश किया गया है, जिस पर पलानीस्वामी ने तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि विजय चाहें तो अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं। इस चर्चा ने राजनीतिक समीकरणों में हलचल पैदा कर दी है, जबकि कांग्रेस ने इस मांग को खारिज कर दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं


नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीतिक परिदृश्य में अभिनेता से नेता बने विजय के बारे में एक नई बहस शुरू हो गई है। उनकी पार्टी, तमिलगा वेट्री कझगम के कुछ सदस्यों ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में पेश किया है। इस पर AIADMK के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विजय चाहें तो अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं। इसके अलावा, सहयोगी दलों के बयानों ने राजनीतिक समीकरणों में हलचल पैदा कर दी है।


पलानीस्वामी का कटाक्ष

पलानीस्वामी ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग पर तंज करते हुए कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति बनने की इच्छा भी रख सकते हैं। उनके अनुसार, यह सब संबंधित व्यक्ति की इच्छाओं पर निर्भर करता है। उन्होंने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर भी निशाना साधा।


सरकार पर हमला

पलानीस्वामी ने वर्तमान तमिलनाडु सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सोशल मीडिया पर प्रचार के माध्यम से चलाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि राज्य की राजनीति और प्रशासनिक कार्य केवल प्रचार से नहीं चल सकते। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि हाल के दिनों में हत्या, लूट और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं।


टीवीके नेताओं के बयानों से विवाद

विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने की चर्चा उनके पार्टी के नेताओं आधव अर्जुन और सरथकुमार के बयानों के बाद तेज हुई। दोनों ने सार्वजनिक रूप से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका देने की बात कही। इसके बाद, तूतीकोरिन में विजय के समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए, जिससे तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ गई।


कांग्रेस की असहमति

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग को खारिज करते हुए इसे प्रशंसकों की सोच बताया। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि टीवीके राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में स्वीकार नहीं करती है, तो कांग्रेस के मंत्री राज्य सरकार से इस्तीफा दे सकते हैं। इस बयान ने राजनीतिक समीकरणों पर बहस को और तेज कर दिया है।


सहयोगी दल की सलाह

टीवीके के सहयोगी दल MDMK के प्रमुख वाइको ने इस मांग पर सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि विजय खुद प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। वाइको ने नेताओं से सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयानों से बचने को कहा, जो गठबंधन के भीतर अनावश्यक विवाद पैदा कर सकते हैं। फिलहाल, विजय ने प्रधानमंत्री पद की इस मांग पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।