तमिलनाडु में विजय की सरकार को अन्ना डीएमके का समर्थन, विधायकों के इस्तीफे का सिलसिला जारी
विधायकों के इस्तीफे और विजय की रणनीति
अन्ना डीएमके के कई विधायक तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे चुके हैं। हालाँकि, दोनों पक्षों के बीच एकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री विजय की नजरें अन्ना डीएमके पर टिकी हुई हैं। विधायकों के इस्तीफे की लगातार हो रही घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि विजय अपनी रणनीति के अनुसार काम कर रहे हैं। हाल ही में 'ऑपरेशन एल' की चर्चा हुई थी, जिसमें विजय के करीबी सहयोगी, लॉटरी किंग जोस मार्टिन सैंटियागो और उनका परिवार विधायकों के इस्तीफे में शामिल हैं, ताकि उपचुनाव में विजय की पार्टी को लाभ मिल सके।
अब तक अन्ना डीएमके के छह विधायकों ने इस्तीफा दिया है, जिसमें छठे विधायक विजय भास्कर का इस्तीफा सोमवार को आया। उल्लेखनीय है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय के पास 107 विधायक हैं। उनकी पार्टी ने 108 सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन चूंकि वे दो सीटों से जीते थे, एक सीट के इस्तीफे के बाद अब उनके पास 107 सीटें हैं। छह विधायकों के इस्तीफे के बाद कुल सात सीटें खाली हो गई हैं। राज्य में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। इस स्थिति में, विजय को 11 और विधायकों की आवश्यकता है। उन्हें कांग्रेस के पांच विधायकों के साथ-साथ वामपंथी, वीसीके और मुस्लिम लीग के छह विधायकों का समर्थन प्राप्त है। यह कहा जा रहा है कि विजय की पार्टी 10 से अधिक सीटें खाली कराकर उपचुनाव कराना चाहती है, ताकि वे अपने दम पर बहुमत हासिल कर सकें। आने वाले समय में, उनकी पार्टी अकेले बहुमत प्राप्त करने का प्रयास करेगी।