तमिलनाडु में विजय सरकार ने फ्लोर टेस्ट में हासिल किए 144 वोट, सीएम ने कहा- यह अल्पसंख्यकों की सरकार
वोटिंग में 172 विधायक रहे शामिल
CM विजय ने फ्लोर टेस्ट में सफलता प्राप्त की है। तमिलनाडु की विजय सरकार ने फ्लोर टेस्ट में 144 वोट हासिल किए, जबकि विरोध में केवल 22 वोट पड़े। यह विजय की पहली महत्वपूर्ण जीत मानी जा रही है। फ्लोर टेस्ट के बाद, सीएम ने यह स्पष्ट किया कि यह सरकार अल्पसंख्यकों की है। इस दौरान सदन में 172 विधायक उपस्थित थे।
सदन में बहुमत के लिए आवश्यक समर्थन
तमिलनाडु विधानसभा में 234 सदस्य हैं, जिसमें साधारण बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। विजय ने त्रिची ईस्ट और पेरम्बूर से चुनाव जीते थे, लेकिन सीएम बनने के बाद पेरम्बूर से इस्तीफा दे दिया। तिरुपत्तूर के विधायक श्रीनिवासा सेतुपति एक वोट से जीते थे, लेकिन मद्रास हाईकोर्ट के मामले के कारण उन्हें वोट डालने की अनुमति नहीं मिली।
एआईएडीएमके के बागी विधायकों का समर्थन
इस प्रकार, सदन में विधायकों की कुल संख्या 232 हो गई। टीवीके को 47 विधायकों वाली एआईएडीएमके के 25 बागी विधायकों का समर्थन मिला, साथ ही कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके, आईयूएमएल और एएमएमके के बागी विधायकों ने भी समर्थन किया। 59 विधायकों वाली डीएमके ने सदन से वॉकआउट किया। इस दौरान 5 विधायक न्यूट्रल रहे।
एआईएडीएमके में विभाजन
क्रॉस वोटिंग के चलते एआईएडीएमके में भी विभाजन हो गया है। पार्टी दो धड़ों में बंट गई है, पलानीस्वीमी और सीवी षणमुगम। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने विजय की एआईएडीएमके के बागी विधायकों से मुलाकात पर सवाल उठाए।
सीएम विजय का बयान
सीएम विजय ने कहा कि उनकी सरकार सेक्युलर तरीके से तेजी से काम करेगी और हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके सरकार को इंस्टाग्राम रील के जरिए नहीं, बल्कि वास्तविक शासन के माध्यम से काम करना चाहिए।