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तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय बने नए मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने ली शपथ

तमिलनाडु में सी जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों के बीच अपनी पार्टी के नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई। विजय ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश भी दिए। जानें इस नए सरकार के गठन और विजय के वादों के बारे में अधिक जानकारी।
 

तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण

चेन्नई। तमिलनाडु में सरकार के गठन का इंतजार खत्म हो गया है। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के नेता सी जोसेफ विजय ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने रविवार को सुबह सवा 10 बजे जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में अपने हजारों समर्थकों के सामने शपथ ग्रहण किया। विजय ने अपनी शपथ तमिल भाषा में ली। इस अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मंच पर उपस्थित थे। विजय ने कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और मुस्लिम लीग के समर्थन से सरकार का गठन किया है, जिसमें उनके पास 107 विधायक हैं।


पहले दिन केवल टीवीके के नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। कांग्रेस के कुछ विधायक भी मंत्री बनेंगे, लेकिन उनकी बारी अगले विस्तार में आएगी। विजय ने पहले दिन ही यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी जीत का जश्न मनाने के लिए केवल उनकी पार्टी के नेता ही शपथ लेंगे। विजय के साथ नौ मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस कीर्तना शामिल हैं। इनमें से सेंगोट्टैयन एकमात्र अनुभवी नेता हैं, जिन्होंने पहले भी जयललिता और ई पलानीसामी की सरकारों में मंत्री का पद संभाला है।


मंत्रियों की शपथ के बाद, टीवीके नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया। करुप्पैया ने रविवार को तमिलनाडु विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली। इस मौके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय भी मौजूद थे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया है।


मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद, विजय ने अपने चुनावी वादों को पूरा करना शुरू कर दिया। उन्होंने दस्तावेजों का पहला सेट साइन किया, जिसमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा दल और एंटी ड्रग्स स्क्वॉड बनाने के आदेश शामिल हैं। इससे पहले, शनिवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को टीवीके, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और मुस्लिम लीग के विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे थे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण दिया। यह राज्य में 1967 के बाद पहली बार है जब गैर-डीएमके और गैर-अन्ना डीएमके सरकार का गठन हुआ है।