तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: एनडीए में सीट बंटवारे पर बनी सहमति
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नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। इस बीच, एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है। सोमवार को AIADMK के चेन्नई मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में पार्टी के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री के पलानीसामी के साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित थे।
समझौते के अनुसार, राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी को 27 सीटें दी गई हैं। वहीं, पीएमके 18 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि एएमएमके को 11 सीटें मिली हैं। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होने वाला है।
बैठक में प्रमुख नेता शामिल
बैठक में तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रान, पीएमके प्रमुख अंबुमणि रामदास और एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन भी शामिल हुए। इस दौरान सभी दलों ने मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले के साथ एनडीए ने चुनावी मैदान में एकजुटता प्रदर्शित करने का प्रयास किया है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।
भाजपा की बढ़ती भूमिका
इस सीट बंटवारे में भाजपा की बढ़ती हिस्सेदारी पर चर्चा हो रही है। पार्टी को इस बार 27 सीटें मिली हैं, जो राज्य में उसके बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का संकेत है। भाजपा लंबे समय से दक्षिण भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, और यह समझौता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चुनाव में जीत का विश्वास
एनडीए के नेता इस गठबंधन को मजबूत बताते हुए दावा कर रहे हैं कि वे आगामी चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन को कड़ी टक्कर देंगे। उनका कहना है कि यह गठबंधन विकास, स्थिरता और बेहतर शासन के मुद्दों पर जनता के बीच जाएगा। भाजपा नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने भी विश्वास जताया कि यह गठबंधन चुनाव में जीत हासिल करेगा और तमिलनाडु में नई सरकार बनाएगा।
चुनाव की तारीख
तमिलनाडु में चुनाव 23 अप्रैल को होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ राज्य में आचार संहिता लागू कर दी गई है। तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके लगातार दूसरी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश करेगी।
डीएमके को AIADMK और बीजेपी के गठबंधन से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। हालांकि, इस बार का चुनाव 2021 के चुनावों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी चुनावी मैदान में उतरने जा रही है।