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ताइवान के आस-पास चीनी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि

ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में अपने समुद्री क्षेत्र में चीनी सैन्य गतिविधियों की जानकारी दी है। 14 विमानों, नौ नौसैनिक जहाजों और चार सरकारी जहाजों की मौजूदगी का पता चला है। इनमें से 13 विमानों ने मीडियन लाइन पार की और ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन में प्रवेश किया। यह स्थिति ताइवान और चीन के बीच के जटिल संबंधों को दर्शाती है, जिसमें ताइवान अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखता है। जानें इस मुद्दे के पीछे के ऐतिहासिक और राजनीतिक तर्क।
 

ताइवान के आस-पास चीनी सैन्य गतिविधियाँ

ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में अपने समुद्री क्षेत्र में चीनी सेना के 14 विमानों, नौ नौसैनिक जहाजों और चार सरकारी जहाजों की गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें से 13 विमानों ने 'मीडियन लाइन' को पार करते हुए ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के 'एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन' (ADIZ) में प्रवेश किया। मंत्रालय ने एक पोस्ट में बताया कि आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक PLA के 14 विमानों, PLAN के 9 नौसैनिक जहाजों और 4 सरकारी जहाजों की मौजूदगी देखी गई।


गुरुवार को भी, ताइवान के MND ने PLA के 11 विमानों, 6 नौसैनिक जहाजों और 3 सरकारी जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया। इनमें से 9 विमानों ने मीडियन लाइन पार की और ताइवान के ADIZ में प्रवेश किया। ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की और आवश्यक प्रतिक्रिया दी।


चीन का ताइवान पर दावा एक जटिल मुद्दा है, जो ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों पर आधारित है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान चीन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो उसकी राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है।


वहीं, ताइवान अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखते हुए अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था के साथ स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। 'यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंडिया' के अनुसार, ताइवान की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बहस का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो संप्रभुता, आत्म-निर्णय और गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों की परीक्षा लेती है।