तृणमूल कांग्रेस में बगावत: 19 सांसदों ने अलग गुट बनाने की कोशिश की
तृणमूल कांग्रेस में बगावत का नया मोड़
नई दिल्ली। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसदों में से 19 ने बगावत कर दी है और उन्होंने स्पीकर को एक पत्र भेजकर अलग गुट की मान्यता मांगी है। यह पत्र पिछले महीने, 18 मई को लिखा गया था, जो यह दर्शाता है कि चुनाव परिणामों के दो हफ्ते के भीतर ही पार्टी में विभाजन हो गया है। खबरों के अनुसार, ये बागी सांसद रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करेंगे।
शुक्रवार को इन बागी सांसदों का पत्र सार्वजनिक हुआ, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार का नाम पहले स्थान पर है। उन्होंने चुनाव के दौरान ही पार्टी के खिलाफ बगावत शुरू कर दी थी। इसके अलावा, शताब्दी रॉय का नाम भी इस पत्र में शामिल है। ममता बनर्जी की पार्टी के मुस्लिम सांसदों जैसे यूसुफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहिर खान का नाम भी इस सूची में है। पार्टी की प्रमुख नेता सायोनी घोष का नाम भी इसमें शामिल है। उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी के 58 विधायक पहले ही पाला बदलकर अलग गुट बना चुके हैं।
अब ममता बनर्जी के संसदीय दल में औपचारिक विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के सभी सांसद रविवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में बैठक करेंगे। इसके अगले दिन, सोमवार को, सभी सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे। इससे पहले भी बागी विधायकों की शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक हो चुकी है।