तृणमूल कांग्रेस में बगावत: शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता का साथ नहीं छोड़ा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद की स्थिति
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली हार के बाद पार्टी में एक बड़ी टूट देखने को मिल रही है। कई प्रमुख नेता पार्टी के खिलाफ बगावत का झंडा उठाते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच, ममता बनर्जी के नेतृत्व में कई विधायक और सांसद पार्टी छोड़ने का निर्णय ले चुके हैं। हालांकि, आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बागियों के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस कठिन समय में अपनी नेता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
विधायकों और सांसदों का असंतोष
चुनाव परिणामों के बाद, TMC में असंतोष इतना बढ़ गया है कि 64 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग गुट बना लिया है। इस स्थिति में, ऋतब्रत विधानसभा में नेता विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। विधायकों की इस बगावत का असर लोकसभा और राज्यसभा तक भी पहुंच गया है। ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली काकोली घोष के नेतृत्व में लगभग 20 सांसदों ने भी पार्टी से बगावत की है। इस बागी गुट में बीजेपी की आलोचक सायोनी घोष और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा का स्पष्ट बयान
हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी बागियों की सूची में शामिल किया गया था, लेकिन उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया। आसनसोल से टीएमसी सांसद ने कहा कि जब वह मुश्किल समय में थे, तब ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी रहीं। ऐसे में, जब पार्टी संकट में है, वह उनका साथ नहीं छोड़ेंगे। सिन्हा ने इसे अपना कर्तव्य मानते हुए कहा कि वह इस दुखद समय में पूरी निष्ठा के साथ टीएमसी और ममता बनर्जी के साथ रहेंगे।