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तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा में एनडीए सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए ने पिछले चुनाव में महागठबंधन को हराने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए। तेजस्वी ने लोकतंत्र की सुरक्षा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। इस पर उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी प्रतिक्रिया दी। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

बिहार विधानसभा बजट सत्र में तेजस्वी यादव का हमला


पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनावी खर्च और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि एनडीए ने महागठबंधन को हराने के लिए बेहिसाब धन का इस्तेमाल किया।


एनडीए ने चुनाव में खर्च किए 40 हजार करोड़ रुपये


तेजस्वी यादव ने विधानसभा में अपनी बात शायराना अंदाज में शुरू करते हुए कहा कि एनडीए ने जनता का विश्वास जीतने के बजाय धनबल का सहारा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के चुनाव में एनडीए ने लगभग 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने सवाल उठाया कि यह पैसा किसका था और इसकी जांच होनी चाहिए। तेजस्वी ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद एनडीए को जनता के बीच संघर्ष करना पड़ा।


बिहार में लोकतंत्र की सुरक्षा पर सवाल


भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है और एनडीए सरकार ने इसे भय के शासन में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और आम जनता को डराकर सत्ता चलाई जा रही है। तेजस्वी ने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति बिहार के भविष्य के लिए घातक है।


उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा का जवाब


तेजस्वी यादव के बयानों के बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। एनडीए के नेताओं ने तेजस्वी के 40 हजार करोड़ रुपये के दावे को आधारहीन और हताशा में दिया गया बयान बताया। इस दौरान सदन में काफी शोर-शराबा हुआ। तेजस्वी की बात खत्म होते ही उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने लालू यादव को चारा चोर बताते हुए जंगलराज की बात दोहराई।