तेजस्वी सूर्या का विपक्ष पर हमला, परिसीमन बिल को बताया राजनीतिक प्रचार
तेजस्वी सूर्या का बयान
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष और दक्षिण भारत की क्षेत्रीय पार्टियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि परिसीमन बिल को लेकर उठाई जा रही चिंताएं राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं और केवल प्रचार का हिस्सा हैं। सूर्या ने संसद के निचले सदन में कहा कि विपक्षी दल और दक्षिण की कुछ क्षेत्रीय पार्टियां, जिनका नेतृत्व DMK कर रही है, इस मुद्दे पर इतना शोर क्यों मचा रही हैं। उनके आंसू केवल दिखावे के हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर का आभार व्यक्त करता हूं कि 2026 में जब देश में परिसीमन होगा, तो इसे भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ही लागू करेगी। कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश को दो भागों में बांटकर देश के विभाजन में अंग्रेजों से भी बुरा काम किया था।
सूर्या ने आगे कहा कि मैं कर्नाटक से आता हूं और पिछले तीन दिनों में हमने देखा है कि दक्षिण भारत में विपक्ष ने सुनियोजित तरीके से भ्रम फैलाने और दुष्प्रचार करने का कार्य किया है। इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं, जो राष्ट्रीय नीति-निर्माण में प्रतिनिधित्व के लिए लगभग चार दशकों से इंतज़ार कर रही थीं, अब महिला आरक्षण बिल के लागू होने के साथ अपने अधिकारों के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे परिसीमन प्रक्रिया पर बेबुनियाद आपत्तियां उठाकर इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं। सूर्या ने कहा कि आज वास्तव में एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि भारत की महिलाएं अंततः राष्ट्रीय नीति-निर्माण प्रक्रिया में अपनी भागीदारी के अधिकार के लिए लगभग 40 वर्षों से इंतज़ार कर रही थीं।