तेहरान में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान पर इजरायल के हमले
तेहरान में सैन्य गतिविधियाँ
तेहरान की सड़कों पर अब सैन्य कार्रवाई की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। हाल ही में ईरान के प्रमुख व्यक्तियों को निशाना बनाने की जानकारी सामने आई है। कुछ समय पहले, मेहराबाद एयरपोर्ट पर एक हमले की सूचना मिली थी, जो खामनेई के निवास के निकट स्थित है। यह क्षेत्र न केवल एक वीवीआईपी क्षेत्र है, बल्कि शरीफ यूनिवर्सिटी, जहां कई भारतीय और पाकिस्तानी छात्र पढ़ते हैं, भी इसी के करीब है। आजादी टावर, जो तहरान का प्रतीक है, भी इस स्थान से केवल 100 मीटर की दूरी पर है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खतरा केवल वीवीआईपी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है।
अमेरिकी सेना की तैयारियाँ
हमले के बाद, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना सतर्क हो गई है। ईरान के संभावित हमले के कारण, अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। ईरान को यह पता है कि इजराइल ने यह हमला अकेले नहीं किया है, बल्कि यह एक संयुक्त रणनीति का हिस्सा है। इसीलिए, ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। ओमान में हुई मीटिंग के दौरान भी कोई सहमति नहीं बन पाई, और जिनेवा में भी वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर बातचीत
ईरान बार-बार यह कहता रहा है कि यदि अमेरिका बातचीत करना चाहता है, तो उसे उनके यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। ईरान में इजराइल द्वारा 30 महत्वपूर्ण स्थानों पर हमले किए गए हैं, जिसमें आईआरजीसी के मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण इमारतें शामिल हैं। यह हमले इजराइल की ओर से एक रणनीतिक उद्देश्य के तहत किए गए थे।