दतिया में उपचुनाव के चलते बीजेपी समर्थकों का हंगामा, पुलिसकर्मी घायल
दतिया में हिंसा का मामला
दतिया में उपचुनाव की स्थिति: मध्य प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया गया है। इस निर्णय से नाराज मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस के साथ झड़प की और राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान दतिया के पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने हाईवे को खाली कराया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
30 जुलाई को दतिया विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने वाला है। यह उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायक को सजा होने के कारण हो रहा है। बताया जा रहा है कि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा था और वे लगातार सभाएं कर रहे थे। लेकिन बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया, जिससे मिश्रा के समर्थक काफी नाराज हो गए। मिश्रा का टिकट कटने से बीजेपी के कई समर्थक हंगामा करने लगे और कई मंडल पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया।
इस दौरान नरोत्तम मिश्रा के हजारों समर्थकों ने झांसी हाईवे को जाम कर दिया और दुकानों को बंद करवा दिया। डाबरा में 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वहीं, बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे में जिला पंचायत अध्यक्ष, सभी नगर पंचायत चेयरमैन, जिला–नगर अध्यक्ष सहित 291 बूथों और पूरी कार्यकारिणी के इस्तीफे की बात लिखी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि NH-44 पर 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने लगभग 12 घंटे तक रास्ता रोके रखा, जिसके दौरान हिंसक झड़प में दतिया के पुलिस अधीक्षक और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। बाद में सुरक्षा बलों ने हाईवे को खाली कराया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने पत्रकारों को बताया कि नाराज कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे पर करीब 11-12 घंटे तक जाम लगाए रखा। सड़क खाली करने के कहने पर भी उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
वानखेड़े ने बताया कि दतिया के SP, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों को चोटें आईं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया। नाराज भीड़ ने पुलिस और अन्य वाहनों को नुकसान पहुँचाया, लेकिन बाद में सड़क खाली कराई गई और स्थिति अब नियंत्रण में है। एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने दतिया शहर में शांति भंग की, बाजार बंद कराने की कोशिश की और 12 घंटे तक सड़क जाम कर दी। पत्थरबाज़ी में छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।