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दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दिपके का विरोध: क्या तिरंगा फहराना अब अपराध है?

दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके का विरोध हुआ, जहां एक व्यक्ति ने उन पर आरोप लगाया कि वे देश को बर्बाद कर रहे हैं। दिपके ने अपने साथियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तिरंगा फहराना अब अपराध बन गया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया।
 

दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दिपके का सामना विरोध से


नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब दिपके बाहर निकल रहे थे, तो एक व्यक्ति उन पर चिल्लाते हुए कहता है, "तुम देश को क्यों बर्बाद कर रहे हो?" इस पर दिपके ने मुस्कुराते हुए अंगूठा दिखाया और वहां से चले गए।


वीडियो का स्रोत

अभिजीत दिपके बुधवार को अपने गृहनगर महाराष्ट्र से दिल्ली लौटे थे। वे अपनी दादी के निधन के कारण 10 अक्टूबर को वहां गए थे। इसी दिन, चुनाव आयोग के बाहर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें प्लेन के अंदर से ही हिरासत में ले लिया था।


“क्यों देश को बर्बाद कर रहा है?” गुस्साए यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके का विरोध किया, और Dikpe पर चिल्लाए, जबकि Dikpe ने बेशर्मी से थम्स-अप दिखाया और चला गया। आम लोगों का गुस्सा इन cockroach es पर बढ़ता जा रहा है! https://t.co/jNC6eoUnBu

— Brijesh Kumar (राष्ट्रवादी) (@brijesh81kr) October 14, 2026


क्या तिरंगा फहराना अब अपराध है?

दिल्ली लौटने पर, दिपके ने अपने सहयोगियों आशुतोष रांका और सौरव दास की पांच दिन की न्यायिक हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए सवाल उठाया कि क्या अब तिरंगा फहराना अपराध बन गया है। दिपके ने कहा, "आशुतोष और सौरभ को जेल में डाल दिया गया है, क्यों? क्योंकि वे जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने गए थे। ऐसा आखिरी बार अंग्रेजों के शासन में हुआ था।"


प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी

मंगलवार सुबह, CJP कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर पर गेट फांदकर प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। यह प्रदर्शन केंद्र द्वारा जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में अधिसूचित न करने के एक दिन बाद हुआ। दिपके ने खुद एक वीडियो साझा किया था, जिसमें रांका और दास समेत कई कार्यकर्ता गेट पर चढ़कर तिरंगा लहराते हुए नजर आ रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।


पुलिस ने इन नेताओं पर अनधिकृत प्रवेश और शांति बांड का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया है। दिपके, रांका और दास को सोमवार को इस शर्त पर जमानत मिली थी कि वे एक साल तक शांति बनाए रखेंगे।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस बीच, राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने इन गिरफ्तारियों की निंदा की है। "वोट चोरी" के आरोप के तहत विरोध प्रदर्शन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जब विपक्षी नेताओं ने "लोकतंत्र के लिए मार्च" निकाला और चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की।