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दिल्ली की देविना गहलोत ने CUET-UG 2026 में हासिल किया पहला स्थान

दिल्ली की छात्रा देविना गहलोत ने CUET-UG 2026 में पहले स्थान पर आकर एक नई मिसाल कायम की है। उनके 1232.19 के स्कोर ने उन्हें ऑल इंडिया रैंक-1 दिलाई। इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों का योगदान है। जानें देविना की सफलता की कहानी और उनके परिवार की प्रतिक्रिया।
 

देविना गहलोत की अद्वितीय सफलता


कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 में दिल्ली की छात्रा देविना गहलोत ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा जारी की गई शीर्ष 20 अभ्यर्थियों की सूची में देविना का नाम सबसे ऊपर है। उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है, बल्कि शिक्षकों और स्कूल समुदाय को भी खुशी का अवसर दिया है। इस उपलब्धि के बाद उन्हें देशभर से बधाइयां मिल रही हैं।


सर्वोच्च स्कोर के साथ शीर्ष स्थान

एनटीए के आंकड़ों के अनुसार, देविना गहलोत ने 1232.19 का कुल एनटीए स्कोर प्राप्त किया, जो इस वर्ष का सबसे अधिक है। इस स्कोर के साथ उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। लाखों छात्रों के बीच शीर्ष स्थान प्राप्त करना उनकी मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और अनुशासन से बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी उपलब्धि ने अन्य छात्रों को भी प्रेरित किया है।


देविना का अनुभव

अपनी सफलता पर देविना ने कहा, 'रिजल्ट देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। जब मैंने परीक्षा दी थी, तो मुझे पता था कि यह अच्छा हुआ है। मुझे अच्छी उम्मीदें थीं, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऑल इंडिया रैंक 1 मिलेगी। जब मैंने रिजल्ट देखा, तो मैंने कई बार अपना एप्लीकेशन नंबर चेक किया ताकि पक्का कर सकूं कि यही रैंक मुझे मिली है। मैं अपने माता-पिता की बहुत आभारी हूं।'


परिवार का गर्व

देविना के पिता, भाजपा विधायक कैलाश गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की यह उपलब्धि उसके कठिन परिश्रम और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने अपनी पत्नी मौसमी और बड़ी बेटी जाह्नवी का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने देविना का हर कदम पर साथ दिया। परिवार ने इसे एक यादगार पल बताया। गहलोत ने कहा कि अपनी बेटी के सपनों को साकार होते देखना उनके लिए गर्व का विषय है।


शिक्षकों और स्कूल का योगदान

देविना की सफलता में उनके शिक्षकों और स्कूल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कैलाश गहलोत ने दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज के शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने देविना की जिज्ञासा को बढ़ावा दिया और उसकी क्षमताओं को सही दिशा दी। स्कूल का शैक्षणिक वातावरण और मार्गदर्शन उसकी तैयारी को मजबूत बनाने में सहायक रहा। यही कारण है कि वह इस प्रतिस्पर्धी परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहीं।


बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के बीच सफलता

एनटीए के अनुसार, CUET-UG 2026 के लिए 15.68 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 11.64 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा का आयोजन मई और जून के दौरान विभिन्न चरणों में किया गया था। इतने बड़े स्तर की परीक्षा में पहला स्थान हासिल करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। देविना की सफलता यह साबित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास किसी भी छात्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।