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दिल्ली के जंतर-मंतर पर बढ़ी सुरक्षा: प्रशासन ने बैरिकेड्स को किया स्थायी

दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर चर्चा में है, जहां NEET UG पेपर लीक के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को कड़ा कर दिया है। बैरिकेड्स को स्थायी रूप से वेल्डिंग किया जा रहा है ताकि प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके। इस बीच, वाम छात्र संगठनों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जानें इस स्थिति के पीछे प्रशासन की मंशा और छात्रों की मांगें।
 

जंतर-मंतर की सुरक्षा में बदलाव


नई दिल्ली: दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर चर्चा में है। NEET UG पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने यहां सुरक्षा को और कड़ा कर दिया है। पहले अस्थायी बैरिकेड्स का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब इन्हें वेल्डिंग करके स्थायी 'लोहे की दीवार' में परिवर्तित किया जा रहा है।


बैरिकेड्स को स्थायी रूप दिया जा रहा है

प्रशासन ने जंतर-मंतर के चारों ओर लगे बैरिकेड्स को जोड़कर वेल्डिंग का कार्य शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को एक निश्चित सीमा से आगे बढ़ने से रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि पहले प्रदर्शन के दौरान लोग बैरिकेड्स को धक्का देकर या हटाकर आगे बढ़ जाते थे।


अब जब बैरिकेड्स पक्के और जुड़े होंगे, तो उन्हें तोड़ना या पार करना आसान नहीं होगा। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी के हालिया प्रदर्शन के बाद उठाया गया है। प्रशासन भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े या उग्र प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई कर रहा है।


वाम छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन

इस बीच, वाम संगठनों से जुड़े छात्र भी जंतर-मंतर पर पहुंच गए हैं। उनकी मुख्य मांग है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। प्रदर्शनकारियों ने इसे वादा खिलाफी करार दिया है। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए युवाओं पर बल का प्रयोग किया गया है।


इसी मुद्दे पर वे नारेबाजी कर रहे हैं और सरकार से जवाब मांग रहे हैं।


सुरक्षा बलों की तैनाती

जंतर-मंतर पर सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही कड़े हैं। यहां बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं। वेल्डिंग का कार्य भी इन्हीं सुरक्षा इंतजामों के बीच चल रहा है। बैरिकेड्स के चारों ओर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी बिना अनुमति अंदर न जा सके।


प्रशासन की मंशा क्या है?

दिल्ली प्रशासन का तर्क है कि जंतर-मंतर राष्ट्रीय राजधानी का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन स्थल है। यहां रोजाना विभिन्न मुद्दों पर धरने होते हैं। कई बार भीड़ अनियंत्रित होकर बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करती है, जिससे कानून व्यवस्था में बाधा आती है।


इसीलिए इस बार बैरिकेड्स को स्थायी रूप दिया जा रहा है। वेल्डिंग के बाद ये एक प्रकार की लोहे की दीवार बन जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे भविष्य में होने वाले प्रदर्शनों को नियंत्रित करना आसान होगा और किसी भी प्रकार की हिंसा की संभावना कम होगी।


फिलहाल, जंतर-मंतर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर प्रशासन सख्ती कर रहा है, वहीं दूसरी ओर छात्र संगठन पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाता है।