दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली: बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सियासी टकराव की नई लहर
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित रैली ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इसे एक राजनीतिक नाटक करार देते हुए आरोप लगाया कि इस आयोजन का उद्देश्य अव्यवस्था फैलाना और चुनी हुई सरकार को कमजोर करना है। उन्होंने रैली की तारीख पर भी सवाल उठाए और इसे लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने की योजना बताया।
राहुल गांधी पर नड्डा का हमला
नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति के चार चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले चरण में झूठ फैलाया जाता है, फिर सड़कों पर उपद्रव होता है। तीसरे चरण में अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जाता है और चौथे में विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने रैली के पीछे सिख समुदाय के जख्मों को कुरेदने और दिल्ली में अशांति फैलाने का आरोप लगाया।
1984 के दंगों का संदर्भ
बीजेपी नेता ने कहा, “यह भारत है, कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है,” जहां मनमाने ढंग से दंगे कराए जा सकें। उन्होंने एक नवंबर को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जोड़कर कांग्रेस पर हमला किया, यह कहते हुए कि उस दिन निर्दोष सिखों की हत्या हुई और हजारों परिवार उजड़ गए। उन्होंने गांधी परिवार पर सिख समुदाय से माफी नहीं मांगने का आरोप लगाया।
दिल्ली के व्यापारियों पर प्रभाव
नड्डा ने यह भी कहा कि पिछले प्रदर्शनों से दिल्ली के व्यापारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जबकि वर्तमान रैली से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है। धनतेरस, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान छोटे दुकानदारों की बिक्री पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली और करोल बाग के बाजारों पर इसका असर उनकी आजीविका के लिए बड़ा झटका होगा।
CTI की अपील
उन्होंने CTI के पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि संगठन ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी से त्योहारों के दौरान बड़े राजनीतिक आयोजनों से बचने की अपील की थी।
गठबंधन के नेताओं से सवाल
नड्डा ने अन्य दलों से पूछा कि क्या वे सिख समुदाय की भावनाओं और व्यापारियों के नुकसान के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेश में भारत का अपमान करने और देश में लोकतंत्र व अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि भारत संविधान और जनता के जनादेश से चलेगा, अराजकता से नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह रैली कांग्रेस के राजनीतिक पतन की अंतिम कड़ी साबित होगी।