दिल्ली में अभिजीत दीपके की गतिविधियों पर पुलिस की नजर, तिरंगा यात्रा को लेकर बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
अभिजीत दीपके का ठिकाना और पुलिस की जांच
महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके ने इस बार किसी होटल में ठहरने के बजाय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अनीश गावंडे के आवास पर रहने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार, दीपके पिछले दो दिनों से झंडेवालान स्थित इस घर में रह रहे थे। उनके ठिकाने में इस बदलाव के बाद, दिल्ली पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस दौरान उनसे मिलने कौन-कौन आया और उनकी मुलाकातों का उद्देश्य क्या था। पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वे राजधानी में संभावित गतिविधियों और उनकी तैयारियों की जानकारी जुटा रहे हैं।
प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की सतर्कता
पुलिस को संदेह है कि कुछ विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर कोई ऐसा आयोजन किया जा सकता है, जिससे दिल्ली की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। यह आशंका 20 जुलाई को हुई घटनाओं से जुड़ी है, जब प्रदर्शन से संबंधित जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल भेजा गया था। हालांकि, पुलिस की चिंताओं और संभावित योजनाओं के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
तिरंगा यात्रा की योजना और पुलिस का नोटिस
दीपके द्वारा कनॉट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा के बाद, नई दिल्ली जिला पुलिस ने उनके ठिकाने पर पहुंचकर कानूनी नोटिस जारी किया। पुलिस ने उन्हें लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने की सलाह दी। नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत धारा 163 का उल्लेख किया गया है, जिसे पहले धारा 144 के नाम से जाना जाता था। पुलिस ने मौखिक चेतावनी भी दी कि नियमों की अनदेखी करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
कनॉट प्लेस में भीड़ की चिंताएं
पुलिस के नोटिस में कनॉट प्लेस की भौगोलिक स्थिति और व्यावसायिक महत्व को ध्यान में रखा गया है। यह क्षेत्र गोलाकार सड़कों और सीमित प्रवेश मार्गों के कारण संवेदनशील माना जाता है। पुलिस का तर्क है कि यदि यहां अचानक भारी भीड़ इकट्ठा होती है, तो यह लोगों की आवाजाही और आपातकालीन निकास में बाधा डाल सकती है। किसी अप्रिय स्थिति में राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
व्यापार और सुरक्षा पर प्रभाव
नोटिस में कहा गया है कि कनॉट प्लेस में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का असर केवल प्रदर्शन में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। यहां काम करने वाले व्यापारियों और कर्मचारियों की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र से जुड़े 15 लाख से अधिक व्यापारियों और कर्मचारियों की आजीविका पर खतरा मंडरा सकता है। संसद भवन और केंद्रीय सचिवालय के निकटता को देखते हुए सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है।
यातायात और आपातकालीन सेवाओं पर प्रभाव
पुलिस ने अपने नोटिस में सीजेपी के पूर्व प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन होने पर शांति व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो सकता है। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित होने पर मध्य दिल्ली की सड़कों पर यातायात बाधित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और अस्पतालों में जाने वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है। फिलहाल, पुलिस दीपके के दिल्ली प्रवास, उनसे मिलने वाले लोगों और प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।