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दिल्ली में इमारत गिरने पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के गिरने से राजनीतिक हलचल मच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने केवल बातें की हैं, लेकिन असली मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया। जानें इस घटना के पीछे की सच्चाई और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया।
 

सत्य निकेतन में इमारत हादसा: राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया


नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में हाल ही में हुए भयानक इमारत हादसे ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि हर बार जिंदगियां, सपने और आकांक्षाएं मलबे में दब जाती हैं, लेकिन कार्रवाई हमेशा गायब रहती है। पिछले 12 वर्षों में यह सरकार केवल बातें करती रही है, लेकिन असली मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया।


राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हर बार बीजेपी सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले कोई रोकथाम नहीं, और बाद में केवल बयानबाज़ी होती है। कुछ छोटे अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाल दी जाती है, जबकि असली गुनहगार बच निकलते हैं।'


हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।

सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में…

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 7, 2026



सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना अकेली घटना नहीं है। पिछले चार महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी ही एक घटना में 6 लोगों की जान गई, जबकि हौज़ रानी में आग ने 22 लोगों की जान ली। हर बार जिंदगियां, सपने और आकांक्षाएं मलबे में दब जाती हैं, और हर बार कार्रवाई की कमी रहती है। जब जवाबदेही की मांग की जाती है, तो प्रधानमंत्री अपमानजनक शब्दों से जवाब देते हैं, जैसे 'दिमागी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा', ताकि सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा किया जा सके।


उन्होंने आगे कहा कि 12 वर्षों में यह सरकार केवल बातें करती रही है, लेकिन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया। दिल्ली में 'ट्रिपल इंजन' सरकार है, तो फिर किस बात की लाचारी है? लाचारी का कारण नीयत की कमी है, क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती। There Is No Accountability.