दिल्ली में एआई-संचालित डस्ट पोर्टल 2.0 का शुभारंभ, प्रदूषण नियंत्रण में नई तकनीक
डस्ट पोर्टल 2.0 की विशेषताएँ
जीआईएस मैपिंग, 360 डिग्री कैमरों और एआई सेंसर से लैस प्लेटफॉर्म देगा ऑटोमैटिक प्रदूषण अलर्ट
पोर्टल के माध्यम से अनुपालन प्रमाणपत्र और नियमों के उल्लंघन पर एनफोर्समेंट नोटिस स्वतः जारी किए जा सकेंगे
एआई और डिजिटल तकनीक से अनुपालन प्रक्रिया को सरल, निगरानी को अधिक प्रभावी और एनफोर्समेंट को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा: सीएम रेखा गुप्ता
नई दिल्ली में डस्ट पोर्टल 2.0 का शुभारंभ
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एआई-संचालित ‘डस्ट पोर्टल 2.0’ का उद्घाटन किया। यह पोर्टल निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की वास्तविक समय में निगरानी करेगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म परियोजना संचालकों को स्व-मूल्यांकन की सुविधा प्रदान करेगा और डेटा आधारित निगरानी को सशक्त बनाएगा।
इस अवसर पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में डस्ट पोर्टल 2.0 का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें एआई की मदद से निगरानी प्रणाली की दक्षता को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त नियमों से नहीं, बल्कि स्मार्ट प्रशासनिक प्रणालियों से भी लड़ी जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण में तकनीकी नवाचार
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि एआई और डिजिटल तकनीक के माध्यम से अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म सुनिश्चित करेगा कि सभी निर्माण एजेंसियां स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त दिल्ली के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। भविष्य में चालान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की योजना है, जिससे नोटिस और चालान सीधे पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा सकें।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली को दुनिया की सबसे स्वच्छ और हरित राजधानी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी पहलें जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाएंगी।
डस्ट पोर्टल 2.0 की तकनीकी विशेषताएँ
डस्ट पोर्टल 2.0 में जीआईएस मैपिंग, लाइव 360 डिग्री कैमरे, पीएम-10 और पीएम-2.5 सेंसर, रियल-टाइम एनालिटिक्स और एआई आधारित मॉनिटरिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह पोर्टल निर्माण स्थलों की सटीक मैपिंग करेगा और धूल नियंत्रण से जुड़े मानकों का स्वतः मूल्यांकन करेगा। प्रदूषण स्तर बढ़ने पर सिस्टम स्वतः अलर्ट जारी करेगा।
पोर्टल के माध्यम से अनुपालन प्रमाणपत्र और नियमों के उल्लंघन पर एनफोर्समेंट नोटिस भी स्वतः जारी होंगे। इसके अलावा, जिला-वार निगरानी और प्रदूषण के रुझानों का विश्लेषण करने के लिए एक व्यापक डैशबोर्ड उपलब्ध होगा।
निर्माण गतिविधियों पर वैज्ञानिक निगरानी
डस्ट पोर्टल 2.0 के जरिए दिल्ली में सभी निर्माण स्थलों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल पर चल रही और पूरी हो चुकी परियोजनाओं की जानकारी, ऑडिट रिपोर्ट और नियमों के पालन से जुड़ी सभी सूचनाएं उपलब्ध होंगी। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म दिल्ली को अधिक स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है, जिसमें निर्माण कार्यों के लिए सख्त नियम लागू करना और वैज्ञानिक तरीके से प्रदूषण की निगरानी करना शामिल है।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि डस्ट पोर्टल 2.0 के माध्यम से 500 वर्ग गज या उससे बड़े सभी निर्माण स्थलों की एआई आधारित निगरानी की जाएगी। यह प्रणाली धूल नियंत्रण उपायों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगी। उल्लंघन होने पर तत्काल अलर्ट जारी होंगे और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डस्ट पोर्टल 2.0 दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।