दिल्ली में छात्रों के समर्थन में विपक्ष का प्रदर्शन, काले कपड़े पहनकर जताया विरोध
राजनीतिक माहौल में गरमी
नई दिल्ली: छात्रों के विरोध और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस की कार्रवाई ने दिल्ली में राजनीतिक स्थिति को गर्म कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और छात्रों की मांगों पर सरकार से बातचीत की अपील की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
प्रियंका गांधी का बयान
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में छात्रों के समर्थन में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं और उनसे संवाद होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेना आवश्यक है।
छात्रों के अधिकारों की रक्षा
प्रियंका ने कहा, “हम छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज को उठाने का काम कर रहे हैं। छात्र केवल बातचीत और व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। यदि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया, तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।”
पुलिस कार्रवाई की आलोचना
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने छात्रों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि सरकार छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है।
काले कपड़े पहनकर विरोध
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनकर किया गया प्रदर्शन विपक्षी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार किया, जिसके विरोध में कांग्रेस ने इसे ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया।
शिक्षा मंत्री पर निशाना
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी बनती है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने में असफल रही है और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस का समर्थन
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि पक्षपातपूर्ण तरीके से सवाल पूछे जाएंगे, तो वह उनका जवाब नहीं देंगे। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।