दिल्ली में सर्दियों के लिए प्रदूषण नियंत्रण योजना लागू
दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण रोकने के उपाय
नई दिल्ली। सर्दियों में प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक नवंबर से दिल्ली और एनसीआर में विंटर प्लान लागू किया गया है। इस योजना के तहत कई प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। एक नवंबर से, दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू हो गया है। सरकारी और निजी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करना होगा।
दिल्ली और एनसीआर में लागू की गई पाबंदियों के अनुसार, अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड बीएस छह से कम मानक वाली गाड़ियां राजधानी में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। इस कारण रविवार सुबह दिल्ली की सीमा पर लंबा जाम देखने को मिला। निजी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नवंबर से सार्वजनिक पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने की फीस दोगुनी कर दी गई है। हालांकि, एक सकारात्मक पहलू यह है कि दिल्ली में अक्टूबर के दौरान पिछले नौ वर्षों में सबसे साफ हवा दर्ज की गई, जिसमें औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 166 रहा।
दिल्ली सरकार ने इस साल जुलाई में ही सर्दियों के प्रदूषण को रोकने के लिए विंटर प्लान को मंजूरी दी थी। इसके तहत हर साल एक नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण से संबंधित नियम लागू रहेंगे। पहले प्रदूषण बढ़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप के विभिन्न चरणों के तहत पाबंदियां लगाई जाती थीं, लेकिन अब कुछ नियम पहले से निर्धारित तारीख पर लागू होंगे। इसका मतलब है कि हवा के खराब होने का इंतजार नहीं किया जाएगा।