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दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, राजधानी बंद

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते केंद्र सरकार ने राजधानी को पूरी तरह से बंद कर दिया है। 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, और सभी स्कूल, कॉलेज, और मेट्रो सेवाएं बंद हैं। जानें इस स्थिति का पूरा विवरण और क्या कदम उठाए गए हैं।
 

दिल्ली में सीजेपी का प्रदर्शन


नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के डर से केंद्र सरकार ने दिल्ली को पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भी छावनी में तब्दील हो गया है। सीजेपी ने 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। इस प्रदर्शन का समर्थन लेफ्ट पार्टियों और आम आदमी पार्टी ने किया है।


प्रदर्शन को रोकने के लिए मेट्रो, ट्रेन, सड़कें, इंटरनेट, स्कूल, कॉलेज, और दुकानें सभी बंद कर दी गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सीजेपी ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मांगी है, इसलिए उन्हें प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जंतर मंतर क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू है, जो पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाती है। सीजेपी का कहना है कि जंतर मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है, इसलिए उन्हें अनुमति की आवश्यकता नहीं है।


सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं ने वीडियो बनाकर लोगों से जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है। एक दिन पहले कर्नाटक में सीजेपी ने प्रदर्शन किया था, लेकिन वहां भीड़ कम थी। सीजेपी के नेता दिल्ली में जुलाई के प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं, जब उनके प्रदर्शन के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।


सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, लेकिन दिल्ली को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया है। शनिवार को दिल्ली के स्कूलों और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई होगी। कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की गई है, और दिल्ली में आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। कनॉट प्लेस के आसपास की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।


सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां दिल्ली में तैनात हैं, और विभिन्न राज्यों से लगभग 23 हजार जवान बुलाए गए हैं। ये जवान 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली में रहेंगे। दिल्ली पुलिस के 15 हजार से अधिक जवान भी तैनात किए गए हैं। जंतर मंतर तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को शुक्रवार रात से बंद कर दिया गया है।


दिल्ली के सभी स्कूलों और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। कई स्कूलों में पीटीएम का समय बदला गया है और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। जनपथ और कर्तव्यपथ क्रॉसिंग के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। दिल्ली पुलिस ने टेलीकॉम कंपनियों को पत्र लिखकर इंटरनेट बंद करने का निर्देश दिया है।


दिल्ली पुलिस ने सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है और बॉर्डर सील कर दिए हैं। पानीपत से दिल्ली तक रेलवे स्टेशनों के बाहर नाके लगाए गए हैं। टिकरी, बदरपुर, कापसहेड़ा और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की तलाशी के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। राकेश टिकैत द्वारा इस प्रदर्शन का समर्थन करने के कारण सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।