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दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: 10,000 छात्रों के लिए नए हॉस्टल बनाने की योजना

दिल्ली सरकार ने सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद छात्रों के लिए 10,000 नए हॉस्टल बनाने की योजना की घोषणा की है। यह कदम छात्रों की सुरक्षा और आवास की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नए हॉस्टल लड़के और लड़कियों दोनों के लिए होंगे। इसके साथ ही, PG और छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल क्षमता बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है।
 

सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षा पर ध्यान

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने हाल ही में सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद छात्र आवास और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली में 10,000 छात्रों के लिए नए हॉस्टल बनाए जाएंगे। 6 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला छात्र आवासीय इमारत गिरने से 7 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। यह क्षेत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट है, जहां बड़ी संख्या में छात्र निजी हॉस्टलों और PG में रहते हैं।


इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री ने नए हॉस्टल बनाने की योजना की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने इसके लिए स्थान की पहचान कर ली है और नीति निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ये हॉस्टल लड़के और लड़कियों दोनों के लिए होंगे, और दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इनका लाभ उठा सकेंगे। दिल्ली में बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं, लेकिन सीमित हॉस्टल सीटों के कारण उन्हें निजी PG और किराए के कमरों का सहारा लेना पड़ता है।


सरकार नए हॉस्टल बनाने के साथ-साथ सत्य निकेतन हादसे के बाद PG और छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी कर रही है। PG, हॉस्टल और सार्वजनिक इमारतों के लिए structural audit और नियमित safety certification को अनिवार्य करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।


दिल्ली सरकार PG व्यवस्था को रेगुलेट करने के लिए लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में structural safety, fire safety, पुलिस सत्यापन और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा जैसे प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी हॉस्टल क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें 3,922 नई हॉस्टल सीटें जोड़ी जाएंगी। यदि ऐसा होता है, तो विश्वविद्यालय की कुल क्षमता 12,754 तक पहुंच सकती है। सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार का ध्यान दो स्तरों पर है: एक तरफ नए हॉस्टल का निर्माण और दूसरी तरफ मौजूदा PG और हॉस्टल इमारतों की सुरक्षा जांच को सख्त करना। सरकार का उद्देश्य छात्रों को ऐसा सुरक्षित आवास प्रदान करना है, जहां देशभर से आने वाले माता-पिता अपने बच्चों को लेकर निश्चिंत रह सकें।