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दिल्ली सरकार ने ऊर्जा संरक्षण के लिए वर्चुअल बैठकें शुरू कीं

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ऊर्जा संरक्षण के लिए वर्चुअल बैठकों की श्रृंखला शुरू की है। इस पहल के तहत, उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से सरकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में, ईंधन खर्च में कमी, बिजली की खपत कम करने और मानसून की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह दिल्ली की जनता के लिए फायदेमंद साबित होगी।
 

मुख्यमंत्री की नई पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों की बचत के आह्वान को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर वर्चुअल बैठकों की एक श्रृंखला आरंभ की है।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा

शुक्रवार को, मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय से डिविजनल कमिश्नर, सभी जिला अधिकारियों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में दिल्ली सरकार के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।


ऑनलाइन बैठकों का महत्व

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकतर सरकारी बैठकों का आयोजन ऑनलाइन किया जाए, जिससे ईंधन, समय और संसाधनों की बचत हो सके। उन्होंने सभी विभागों को बिजली की खपत कम करने के लिए ठोस कदम उठाने और कार्यालयों में ऊर्जा बचत के उपायों को अपनाने के लिए कहा।


वाहनों के ईंधन खर्च में कमी

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अपने वाहनों के ईंधन खर्च में कम से कम 20 प्रतिशत की कमी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘मेट्रो मंडे’ पहल को प्राथमिकता देने की बात करते हुए कहा कि अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में एक दिन अधिकतम मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।


मानसून की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में, मुख्यमंत्री ने मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर समय पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले खुले नहीं रहने चाहिए और खतरनाक पेड़ों को तुरंत हटाया जाना चाहिए।


जनता के साथ पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी नियमित रूप से सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि जनता को सरकारी कार्यों की पारदर्शी जानकारी मिल सके।