दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: विनेश फोगाट को विश्व चैंपियनशिप ट्रायल में नहीं मिली अनुमति
दिल्ली हाई कोर्ट का निर्णय
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहलवान विनेश फोगाट को सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में भाग लेने की अंतरिम अनुमति देने से मना कर दिया है। फोगाट ने जुलाई 2025 में मातृत्व अवकाश लिया था और अब वह वापसी के बाद इस साल होने वाले चयन ट्रायल में शामिल होना चाहती थीं।
कोर्ट का आदेश और चयन प्रक्रिया
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार रात को दिए गए अंतरिम आदेश में कहा कि चयन प्रक्रिया के नियमों में किसी विशेष छूट की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा करने से उन अन्य खिलाड़ियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है जो समान स्थिति में हैं लेकिन इस मामले में पक्षकार नहीं हैं।
महिला खिलाड़ियों की चुनौतियाँ
मातृत्व और खेल करियर पर कोर्ट का सवाल
सुनवाई के दौरान, अदालत ने खेलों में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की। कोर्ट ने कहा कि महिला खिलाड़ी शादी और मातृत्व के कारण खेल से कुछ समय के लिए दूर रहती हैं, जबकि पुरुष खिलाड़ी इस दौरान प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक जीतते हैं। अदालत ने इस स्थिति को बदलने के लिए उचित उपायों पर विचार करने की आवश्यकता जताई।
चयन नीति पर विचार
चयन नीति पर पहले होगा फैसला
अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक चयन नीति की वैधता पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक पात्रता नियमों को केवल एक खिलाड़ी के लिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि विशेष श्रेणी या छूट देने से समान परिस्थितियों वाले अन्य खिलाड़ियों के साथ भेदभाव हो सकता है।
इस निर्णय के कारण, विनेश फोगाट 14 सितंबर को इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले चयन ट्रायल में भाग नहीं ले सकेंगी। मातृत्व और महिला खिलाड़ियों के करियर से संबंधित मुद्दे पर आगे की सुनवाई में चर्चा जारी रहेगी।