दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में सह-पायलट द्वारा हमले का प्रयास
विमान में हमले की घटना
न्यूयॉर्क, 3 अक्टूबर: दुबई से तेल अवीव की उड़ान भरने वाले विमान के सह-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सह-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास किया।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने बताया कि अल-हम्मामी की कट्टरपंथी विचारधारा के कारण ओमान के अधिकारियों ने पहले ही उसे विमान उड़ाने से रोक दिया था। फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में अल-हम्मामी ने आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन मच्छार पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले की परिस्थितियाँ
हमले का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। विमान में 174 यात्री सवार थे, और इसने आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद, यह 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से गिरकर 17,000 फुट से नीचे आ गया।
बीबीसी के अनुसार, कैप्टन मच्छार कॉकपिट के फर्श पर घायल अवस्था में पड़े थे, जब उन्हें पता चला कि विमान नीचे जा रहा है। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की एक आखिरी कोशिश की, जिससे यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।
अल-हम्मामी की पृष्ठभूमि
सीएनएन के अनुसार, अल-हम्मामी का जन्म यूएई में हुआ था। उनके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं। उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष यूएई में बिताए हैं।
एक अन्य स्रोत ने बताया कि कट्टरपंथी विचारों के कारण अल-हम्मामी को पहले पायलट प्रशिक्षण से हटा दिया गया था। यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लाईदुबई में नियुक्ति से पहले उसकी कितनी जांच की गई थी।
घायल पायलट की स्थिति
बीबीसी ने बताया कि अल-हम्मामी ने ब्रिटेन की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी से विमानन प्रबंधन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने का प्रयास किया।
कैप्टन मच्छार का उपचार यूएई के एक अस्पताल में चल रहा है। भारतीय दूतावास ने बताया कि उनकी स्थिति स्थिर है और वे स्वस्थ हो रहे हैं।
प्रतिक्रिया और सराहना
दुबई के क्राउन प्रिंस ने अस्पताल में मच्छार से मुलाकात की और उनकी साहसिकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पायलट ने मानव जीवन के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया।
इजराइल के प्रधानमंत्री ने मच्छार को 'सच्चा नायक' बताया और कहा कि उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को टालने में सफलता हासिल की।